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कर्नाटक : ये हैं वो 10 कारण जिनकी वजह से भाजपा के येदियुरप्पा बनने जा रहे हैं मुख्यमंत्री

Wed, 16 May 2018 10:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Updated Wed, 16 May 2018 10:24 PM IST
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Karnataka election results 2018: How BJP MLA BS Yeddyurappa can become chief minister
येदियुरप्पा - फोटो : Amar Ujala
224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा के 222 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78, जेडी(एस) को 38 सीटें मिली हैं। अन्य को दो सीटें मिली हैं। कोई भी राजनीतिक दल 112 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाई जो पूर्ण बहुमत वाली सरकार के लिए जरूरी था।
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कांग्रेस ने बीजेपी को बाहर रखने के लिए गठबंधन की सरकार बनाने के लिए जेडी(एस) से सौदेबाजी की। जेडीएस के कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की। लेकिन बहुमत से कुछ ही सीटें कम जीतने वाली सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। शाम होते-होते भाजपा ने गुरुवार को सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। भाजपा का दावा है कि सत्ता की कुर्सी पर येदियुरप्पा ही विराजमान होंगे। 
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इस दावे को अभी कुछ समय ही बीता था कि राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता भेज दिया और आखिरकार सूबे की सबसे बड़ी पार्टी पहले बहुमत साबित करने जा रही है। ये वो 10 कारण हैं जो पहले से ही इस दावेदारी को मजबूत कर रहे थे...
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1 . राज्यपाल भाजपा को विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का न्योता दे रही है। विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए भाजपा को 15 दिन का समय मिला है। 

2. दूसरी स्थिति के समय जब विधानसभा में भाजपा को विश्वासमत हासिल करना होगा तब कांग्रेस-जेडी(एस) के 15 विधायक गैर-मौजूद हों तो भाजपा को फायदा होगा। 

3. ऐसे में विधानसभा में विधायकों की प्रभावी संख्या 222 से घटकर 207 रह जाएगी। बहुमत साबित करने का जादुई आंकड़ा भी घटकर 104 हो जाएगा। 

4. चूंकि भाजपा के 104 विधायक हैं इसलिए ऐसी स्थिति में भाजपा आसानी से बहुमत साबित कर सकती है। 

5. भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान लिंगायत अस्मिता का मुद्दा बरकरार रखा था। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा भी इसी लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। यही वजह है कि येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए कांग्रेस-जेडी(एस) ने हाथ मिलाया।


6. कांग्रेस के टिकट पर लिंगायत समुदाय से 21 विधायक और जेडीएस के टिकट पर इस समुदाय के 10 विधायक चुनाव जीते हैं। भाजपा को इसका फायदा मिल सकता है।

7. जेडी(एस) से गठबंधन होने से निवर्तामान मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया और डी शिवकुमार पर भी नजर है।

8. जेडी(एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीते हैं। विधानसभा में विश्वासमत से पहले उन्हें एक सीट छोड़ने को कहा जाएगा।

9. बीएस येदियुरप्पा और बी श्रीरामुलु लोकसभा सदस्य भी हैं और दोनों ने विधानसभा चुनाव भी जीता है। इसलिए ऐसे में दोनों नेता विश्वासमत की तस्वीर साफ होने के बाद ही किसी एक सीट से इस्तीफा देंगे। तब भाजपा को इसका फायदा मिलेगा।

10. 22 साल पहले वजुभाई से जुड़ी गुजरात की सत्ता की चाबी तत्कालीन पीएम देवगौड़ा के पास थी तो अब कर्नाटक की सत्ता की चाबी वजुभाई के पास। 
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