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Hindi News ›   India News ›   Karnataka Election history repeats When is the door of the Supreme Court open at night

जानिए कब-कब रात में खुला है सुप्रीम कोर्ट का 'दरवाजा'

Thu, 17 May 2018 05:11 PM IST
टीम डिजिटल,अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल,अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 17 May 2018 05:11 PM IST
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Karnataka Election history repeats When is the door of the Supreme Court open at night
आधी रात को सुप्रीम कोर्ट के बाहर मौजूद मीडियाकर्मी - फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार आधी रात के बाद विशेष सुनवाई करते हुए कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के शपथग्रहण पर मुहर लगा दी। कांग्रेस-जदएस ने राज्यपाल के फैसले के खिलाफ संयुक्त याचिका दायर करते हुए बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बीएस येदियुरप्पा को शपथ लेने से रोकने की मांग की थी।
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इससे पहले देश में पहली बार 29 जुलाई 2015 को 3.20 बजे मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की फांसी पर रोक लगाने की अर्जी पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट खुला था। प्रशांत भूषण समेत कई वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याकूब की फांसी रुकवाने को अर्जी दी थी। करीब तीन घंटे सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी थी।
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07 सितंबर, 2015
फांसी के तख्ते पर पहुंचने के कुछ घंटे पहले ही निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से जीवनदान मिला। शीर्ष अदालत ने रात एक बजकर 40 मिनट पर फांसी के फैसले पर अमल एक सप्ताह के टाल दिया। न्यायमूर्ति एचएल दत्तू व न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने कोली की याचिका पर विशेष सुनवाई की थी।
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मेमन के लिए भी रात तीन बजे का बाद लगी कोर्ट
29 जुलाई, 2015
1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी रोकने के लिए कुछ सीनियर वकीलों ने रात दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवाया। 3.20 मिनट पर सुनवाई शुरू हुई। डेढ़ घंटे चली सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी गई। यह सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली 3 सदस्यीय पीठ ने की थी।

ये भी नजीर...
देह व्यापार, रेप मामले में रात भर चला मुकदमा, सुबह फैसला

02 फरवरी, 2017
छत्तीसगढ़ की एक अदालत में नाबालिग आदिवासी लड़कियों को देह व्यापार के दलदल में धकेलने और दुष्कर्म के मामले की सुनवाई रात भर चली। विशेष अदालत ने सुबह 212 पन्ने का फैसला सुनाया। 7 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, एक को 14 साल और एक को 10 साल की सजा सुनाई गई।


हाईकोर्ट में लंबित मामले निपटाने को रात भर सुनवाई
05 मई, 2018
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एसजे कथावाला ने गर्मी की छुट्टी से पहले लंबित मुकदमे निपटाने के लिए सुबह 3.30 बजे तक लगातार सुनवाई करके इतिहास रचा। पहले भी वह अपने चेंबर में देर रात तक मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। 
 
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