Karnataka Election: चुनाव में BJP उतारेगी खास सुपर-50 टीम, गुजरात के इस फॉर्मूले से पार्टी को जीत की उम्मीद
Karnataka Election: भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस टीम के सभी सदस्यों को कर्नाटक की दो से तीन विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन नेताओं के जिम्मे राज्य की 224 विधानसभा में लगभग आधी यानी 112 के करीब विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा अपने 50 विशेष नेताओं की टीम राज्य में उतारने जा रही है। यह टीम देश के अलग-अलग राज्यों के उन नेताओं को मिलाकर बनाई गई है, जो कर्नाटक के मतदाताओं से किसी प्रकार संबद्ध हैं और उन्हें पार्टी से जोड़ सकें। इस टीम में केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मंत्री और विधायक और पार्टी संगठन के नेता शामिल हैं। टीम में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से दस नेता शामिल हैं। इनके अलावा टीम में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और दिल्ली के नेताओं को प्रमुखता दी गई है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस टीम के सभी सदस्यों को कर्नाटक की दो से तीन विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन नेताओं के जिम्मे राज्य की 224 विधानसभा में लगभग आधी यानी 112 के करीब विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है। ये विधानसभा क्षेत्र वे हैं जिनमें पिछले चुनाव में भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी, लेकिन मामूली वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थी।
यह भी पढ़ें: Karnataka: अपने गृहनगर शिगगांव से चुनाव लड़ेंगे सीएम बोम्मई; इस सीट से नामांकन दाखिल करेंगे एचडी कुमारस्वामी
इन नेताओं को राज्य में किस प्रकार पार्टी का अभियान आगे बढ़ाना है, इसके बारे में शीर्ष नेता उन्हें जानकारी देंगे। सूचना के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर इस टीम के सभी नेता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उन्हें तुरंत कर्नाटक में एक्टिव कर दिया जाएगा। कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान 10 मई को होगा और 13 मई को चुनाव परिणाम सामने आएंगे।
गुजरात में कारगर रहा था फॉर्मूला
इसके पहले पार्टी ने यह फॉर्मूला गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनाया था। राज्य में ऐसी ही एक टीम के जिम्मे दो से तीन विधानसभाओं को देकर उन्हें पार्टी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी का यह फॉर्मूला सफल रहा और उसने रिकॉर्ड 156 सीटों पर जीत दर्ज की।
यह भी पढ़ें: Karnataka Polls: देवगौड़ा की बहू हासन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने पर अड़ीं; बेटों ने पूर्व PM पर छोड़ा फैसला
लेकिन कर्नाटक में कड़ी चुनौती
गुजरात में भाजपा को बेहद कमजोर विपक्ष का सामना करना पड़ा था, लेकिन कर्नाटक में स्थिति बिल्कुल उलट है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा बहुमत से पीछे रह गई थी। बाद में जोड़तोड़ से वह सरकार बनाने में सफल रही थी। इस बार भी उसे कर्नाटक में कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिल रही है। मल्लिकार्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पार्टी को अतिरिक्त मजबूती मिली है। इससे भाजपा के लिए राज्य में जीत की राह आसान नहीं है।