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कर्नाटक विधासभा चुनाव से असली मुद्दे रहे गायब, वे 10 सीटें जिन पर थी सबकी नजर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Wed, 16 May 2018 12:00 PM IST
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Karnataka Election 2018
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कर्नाटक विधासभा चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के सामने खड़े असली मुद्दे पर्दे के पीछे चले गए। इस दौरान महादयी और कावेरी नदियों के जल के बंटवारे का मामला, रोजगार, सड़क, पेयजल एवं बिजली से जुड़े स्थानीय मुद्दों को कोई तरजीह ही नहीं दी गई। इसके बजाय भावनात्मक मुद्दों को उछालने की कोशिश की गई।
- कांग्रेस ने केंद्र पर उत्तरी राज्यों को तरजीह देने और दक्षिण के राज्यों से भेदभाव का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने भाषा, संस्कृति, विचारधारा के आधार पर राज्य को कम आर्थिक मदद का आरोप लगाया।
- लिंगायत को धार्मिक आरक्षण का प्रस्ताव रख भाजपा के परंपरागत वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश की।
- महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, रोजगार, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरा।
- राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्या के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने खूब हमले किए।
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- कांग्रेस ने केंद्र पर उत्तरी राज्यों को तरजीह देने और दक्षिण के राज्यों से भेदभाव का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने भाषा, संस्कृति, विचारधारा के आधार पर राज्य को कम आर्थिक मदद का आरोप लगाया।
- लिंगायत को धार्मिक आरक्षण का प्रस्ताव रख भाजपा के परंपरागत वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश की।
- महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, रोजगार, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरा।
- राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्या के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने खूब हमले किए।
कर्नाटक की वे 10 सीटें जिन पर थी सबकी नजर
Karnataka Election 2018
1- शिकारीपुरा: मध्य कर्नाटक की इस सीट पर भाजपा के सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा जीते।
2- वरुणा: मैसूर जिले की इस सीट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र सिद्धारमैया उम्मीदवार थे। उन्होंने जीत दर्ज की।
3- चामुंडेश्वरी: मैसूर जिले की इस सीट से सीएम खुद मैदान में थे और हार गए।
4- बादामी: अपनी प्राचीन गुफाओं के लिए मशहूर उत्तर कर्नाटक की इस सीट से भी मुख्यमंत्री चुनाव लड़े। सीएम की कुरुबा जाति का यहां दबदबा है। यहां से वे मामूली अंतर से जीत हासिल की।
5- हुबली: धारवाड़ (मध्य) जिले की इस सीट से नेता विपक्ष एवं पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार उम्मीदवार थे। उन्होंने जीत हासिल की।
6- चित्तपुर: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक यहां से उम्मीदवार थे। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की।
7- मांड्या: कावेरी जल बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गढ़ रही इस सीट पर भी राजनीतिक पंडितों की नजर रही। जेडी(एस) के एम श्रीनिवास ने यहां से जीत दर्ज की।
8- रामनगरम और चन्नपटना: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी इन दो सीटों से लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों सीटों से जीत हासिल की।
9- बेल्लारी: खनन घोटाले में फंसे रेड्डी बंधुओं के एक भाई जी सोमशेखररेड्डी यहां से मैदान में उतरे थे। उन्होंने जीत दर्ज की।
10- भटकल: आतंकी भाइयों यासीन और रियाज भटकल के कारण मशहूर इस सीट पर भी सबकी नजरें थी। बीजेपी के सुनील बिलिया नाइक ने यहां से जीत हासिल की।
2- वरुणा: मैसूर जिले की इस सीट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र सिद्धारमैया उम्मीदवार थे। उन्होंने जीत दर्ज की।
3- चामुंडेश्वरी: मैसूर जिले की इस सीट से सीएम खुद मैदान में थे और हार गए।
4- बादामी: अपनी प्राचीन गुफाओं के लिए मशहूर उत्तर कर्नाटक की इस सीट से भी मुख्यमंत्री चुनाव लड़े। सीएम की कुरुबा जाति का यहां दबदबा है। यहां से वे मामूली अंतर से जीत हासिल की।
5- हुबली: धारवाड़ (मध्य) जिले की इस सीट से नेता विपक्ष एवं पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार उम्मीदवार थे। उन्होंने जीत हासिल की।
6- चित्तपुर: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक यहां से उम्मीदवार थे। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की।
7- मांड्या: कावेरी जल बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गढ़ रही इस सीट पर भी राजनीतिक पंडितों की नजर रही। जेडी(एस) के एम श्रीनिवास ने यहां से जीत दर्ज की।
8- रामनगरम और चन्नपटना: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी इन दो सीटों से लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों सीटों से जीत हासिल की।
9- बेल्लारी: खनन घोटाले में फंसे रेड्डी बंधुओं के एक भाई जी सोमशेखररेड्डी यहां से मैदान में उतरे थे। उन्होंने जीत दर्ज की।
10- भटकल: आतंकी भाइयों यासीन और रियाज भटकल के कारण मशहूर इस सीट पर भी सबकी नजरें थी। बीजेपी के सुनील बिलिया नाइक ने यहां से जीत हासिल की।