देश भर के ATM खाली, कर्नाटक चुनाव से पहले वोटरों की जेब भरने की कोशिश
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कर्नाटक चुनाव भुनाकर कांग्रेस जनता में अपनी जीत की राह प्रशस्त करना चाहती है तो दूसरी तरफ राहुल गांधी देश की आर्थिक स्थिति पर लगातार चोट कर रहे हैं। ऐसे में कर्नाटक की एक खबर ने राहुल की दोनों उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। इस खबर के जरिए कांग्रेस भाजपा को घेर सकती है तो वहीं भाजपा एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाकर इस घटना को कांग्रेस के सिर मढ़ सकती है। खबर ये है कि कर्नाटक चुनाव से पहले आचार संहिता के दौरान राज्य में अवैध संपत्ति पकड़ी गई है। 31.55 करोड़ रुपये चुनाव से पहले कई जांच एजेंसियों के हाथ लगी है।
#KarnatakaElections2018: Rs 31.55 crore cash, 1.15 lakh litre liquor worth Rs 4.58 crore, 30.52 kg drugs/narcotics worth Rs 19.79 lakh, 14.492 kg gold worth Rs 3.59 crore and silver worth Rs 12.67 lakh seized by different agencies in various cares.
— ANI (@ANI) April 18, 2018विज्ञापन
ना सिर्फ करोड़ों रुपये बल्कि राज्य में लगभग 5 करोड़ की शराब भी पकड़ी गई है। कर्नाटक चुनाव की तैयारियों के बीच कई अवैध कारनामों को भी पकड़ा गया है। इसमें ड्रग्स सप्लाई महत्वपूर्ण है। बता दें कि जांच एजेंसी को राज्य के कई हिस्सों से 30 किलो से ज्यादा ड्रग्स हाथ लगा है। चुनाव के मद्देनजर वोटरों को रिझाने के तमाम जरियों पर जांच एजेंसी की पैंनी नजर है। जहां देशभर में एटीएम खाली मिलने की खबरें आ रही हैं, वहीं कर्नाटक में चुनाव से पहले वोटरों को रिझाने की ये अवैध कोशिश सामने आई है।
4 करोड़ का सोना और लगभग 13 लाख की चांदी भी इस धरपकड़ में शामिल है। याद दिला दें कि सूबे में 12 मई को चुनाव होने हैं। इसलिए तमाम असमाजिक तत्व चुनावी फायदे के लिए सक्रिय हैं। जिन्हें किसी भी पार्टी से प्रोत्साहित किया गया हो सकता है।
क्योंकि कांग्रेस देशभर में भाजपा के खिलाफ करेंसी क्रैश का आरोप लगा रही है इसलिए ये खबर कांग्रेस को बड़ा फायदा पहुंचा सकती है। लेकिन जिस तरह से राज्य में वोटरों को रिझाने की ये बड़ी खेप हाथ लगी है। उससे कई सवाल उठना लाजमी हैं। जब तक इस गिरोह के आका तक जांच एजेंसी ना पहुंचे ये कहना मुश्किल है कि चुनावी धांधली के पीछे कौन है?