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Karnataka Digital Arrest: अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट किया, करोड़ों रुपये की ठगी का मामला

Fri, 02 Jan 2026 04:46 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 02 Jan 2026 04:46 PM IST
सार

कर्नाटका में 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को मुंबई पुलिस बताकर बार-बार व्हाट्सएप किया। 

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Karnataka Digital Arrest Criminals digitally arrest retired teacher in multi-crore rupee fraud case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic

विस्तार

कर्नाटक से एक डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने मुंबई पुलिस आधिकारी बन कर 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक से 1.61 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना उत्तर कन्नड़ जिले के मुंडगोड स्थित तिब्बती कॉलोनी के एक निवासी से संबंधित है। गुरुवार को जिला पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पाल्डेन को एक अज्ञात व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने खुद को महाराष्ट्र के कोलाबा पुलिस स्टेशन का इंस्पेक्टर बताय। इसके साथ ही फोन करने वाले ने दावा किया कि मुंबई में गिरफ्तार एक आतंकवादी के पास से कई एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।उनमें से एक कार्ड पाल्डेन के नाम पर पंजीकृत है।

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बैंक खातों से करोड़ों रुपये निकालने के लगाए आरोप

इसके साथ ही धोखाधड़ी करने वाले ने बुजुर्ग व्यक्ति को यह कहकर धमकाया कि उसके बैंक खातों से करोड़ों रुपये निकाले गए हैं। उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल की और पीड़ित को फर्जी बैंक स्टेटमेंट भेजे। इसके साथ ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे अपनी धनराशि तथाकथित राष्ट्रीय कोष में जमा करनी होगी और जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।

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कर्ज लेकर दिए पैसे 

जालसाजों ने कथित तौर पर उसे चेतावनी दी कि वह इस मामले पर किसी से चर्चा न करे और उसे हर दो घंटे में व्हाट्सएप के माध्यम से अपने ठिकाने की जानकारी देने का निर्देश दिया।पुलिस ने बताया कि कानूनी नतीजों के डर से पाल्डेन ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर कुल 1.61 करोड़ रुपये दिए। उसने यह पैसे कई किस्तों में धोखेबाजों के दिए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर, पाल्डेन ने कारवार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पता लगाने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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