Cauvery: ‘तमिलनाडु को पानी छोड़ने के SC के आदेश को मानने में सक्षम नहीं कर्नाटक’, बैठक में बोले सिद्धारमैया
कावेरी जल बंटवारे मुद्दे पर बेंगलुरु में बुधवार यानी आज सर्वदलीय बैठक हो रही है। बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य नेता मौजूद रहे।
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कावेरी नदी का पानी छोड़ने को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज एक विशेष आपातकालीन बैठक बुलाई। दरअसल, कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूआरसी) के तमिलनाडु के लिए अगले 15 दिनों तक हर दिन 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश के एक दिन बाद ही यह आपात बैठक हो रही है। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलने दिल्ली जाएंगे।
#WATCH | All party meeting, over Cauvery water sharing issue, is underway, in Bengaluru.
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CM Siddaramaiah, Deputy CM DK Shivakumar and others present. pic.twitter.com/bDKFcZyUny — ANI (@ANI) September 13, 2023
कावेरी जल बंटवारे मुद्दे पर बेंगलुरु में बुधवार यानी आज सर्वदलीय बैठक हो रही है। बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य नेता मौजूद रहे। कावेरी जल बंटवारे मुद्दे पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने बैठक में कहा कि राज्य भारी बारिश की कमी का सामना कर रहा है। इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तमिलनाडु को पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूआरसी) के समक्ष भी याचिका दायर करेंगे। सीएम ने कहा कि हम संसद के विशेष सत्र से पहले इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपने सांसदों को बुलाने की सोच रहे हैं।
इस दौरान प्राकृतिक आपदाओं पर विधायक और कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उपसमिति ने कर्नाटक में 195 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित करने की सिफारिश की है।दूसरी ओर, तमिलनाडु को पानी छोड़ने से रोकने की मांग को लेकर मांड्या के श्रीरंगपट्टन शहर में किसानों ने मुंह पर काला मास्क पहनकर विरोध-प्रदर्शन किया।
Cauvery Water Distribution row | Karnataka: Farmers with faces tied up with black tape staged a protest in Srirangapattana town of Mandya demanding to stop the release of water to Tamil Nadu. pic.twitter.com/N2WEFcsK2C
— ANI (@ANI) September 13, 2023
कल भी हुई थी बैठक
इससे पहले सिद्धारमैया ने मंगलवार को सीडब्ल्यूआरसी की सिफारिश के मद्देनजर उठाए जाने वाले अगले कदम को लेकर एक आपात बैठक की थी। इसमें शिवकुमार, मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार पोन्नाना सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया था।
सीडब्ल्यूआरसी की सिफारिश सामने आने के बाद शिवकुमार ने कहा था कि राज्य कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा था कि इस बार नदी बेसिन क्षेत्र में बारिश कम हुई थी, जिसके कारण पर्याप्त जल भंडारण नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला बुधवार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के समक्ष उठाया जा सकता है। राज्य अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है।