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Karnataka: बिदादी भूमि अधिग्रहण विवाद पर गरमाई राजनीति, निखिल कुमारस्वामी बोले- राहुल गांधी दखल दें
Wed, 17 Jun 2026 01:20 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, अमर उजाला
आईएएनएस, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:20 PM IST
सार
कर्नाटक में बिदादी भूमि अधिग्रहण मामले पर कांग्रेस सरकार घिरती दिख रही है। कई नेताओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। अब राहुल गांधी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है।
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राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
कर्नाटक में बिदादी भूमि अधिग्रहण मामले को लेकर राजनीति लगातार तेज हो रही है। अब जनता दल (सेक्युलर) की युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगलूरू के निकट स्थित बिदादी क्षेत्र में किसानों की उपजाऊ जमीन को जबरन अधिग्रहित किया जा रहा है और इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग
निखिल कुमारस्वामी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिदादी में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को रोकने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि अब तक सैकड़ों स्थानीय किसानों ने भी सीधे राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है।
जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों में 80 प्रतिशत से अधिक छोटे किसान, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, राज्य सरकार 33,000 करोड़ रुपये की लागत वाले एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है। इस प्रक्रिया में 'भूमि अधिग्रहण कानून, 2013' के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
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उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि अगर वे देशभर में किसानों के अधिकारों की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें कर्नाटक के किसानों के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। निखिल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी ही सरकार के कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और किसानों की जमीन के जबरन अधिग्रहण को तुरंत रोकना चाहिए।
क्या है बिदादी टाउनशिप परियोजना
बिदादी टाउनशिप परियोजना सीएम डीके शिवकुमार की महत्वाकांक्षी ग्रेटर बंगलूरू इंटीग्रेटेड टाउनशिप का हिस्सा है। इसे भारत की पहली एआई-संचालित एकीकृत टाउनशिप बताया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ भूमि को कवर करेगी। इस टाउनशिप परियोजना में हजारों करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसमें बंगलूरू के बाहरी इलाके बिदादी और उसके आसपास बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की योजना है।
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राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग
निखिल कुमारस्वामी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिदादी में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को रोकने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि अब तक सैकड़ों स्थानीय किसानों ने भी सीधे राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है।
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जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों में 80 प्रतिशत से अधिक छोटे किसान, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, राज्य सरकार 33,000 करोड़ रुपये की लागत वाले एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है। इस प्रक्रिया में 'भूमि अधिग्रहण कानून, 2013' के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
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उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि अगर वे देशभर में किसानों के अधिकारों की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें कर्नाटक के किसानों के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। निखिल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी ही सरकार के कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और किसानों की जमीन के जबरन अधिग्रहण को तुरंत रोकना चाहिए।
क्या है बिदादी टाउनशिप परियोजना
बिदादी टाउनशिप परियोजना सीएम डीके शिवकुमार की महत्वाकांक्षी ग्रेटर बंगलूरू इंटीग्रेटेड टाउनशिप का हिस्सा है। इसे भारत की पहली एआई-संचालित एकीकृत टाउनशिप बताया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ भूमि को कवर करेगी। इस टाउनशिप परियोजना में हजारों करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसमें बंगलूरू के बाहरी इलाके बिदादी और उसके आसपास बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की योजना है।