Karnataka Bandh News: एपीएमसी में संशोधन और भूमि सुधार अधिनियमों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Updated Mon, 28 Sep 2020 12:14 PM IST
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कर्नाटक में किसानों का भारत बंद
कर्नाटक में किसानों का भारत बंद - फोटो : ANI

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Karnataka Bandh: कर्नाटक में किसान संगठनों ने कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में संशोधन और मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सरकार द्वारा शुरू किए गए भूमि सुधार अधिनियमों के विरोध में सोमवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। इसे देखते हुए, बंगलूरू, कलबुर्गी सहित राज्य के कई इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। 
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कई मजदूर संगठनों, कन्नड़ समर्थक संगठनों, कांग्रेस और जेडी (एस) ने भारत बंद का समर्थन किया। कांग्रेस और जेडी (एस) ने विधानसभा में विधेयकों का विरोध भी किया था। किसान संगठनों ने बताया कि राजधानी बंगलूरू में 'किसान विरोधी' विधेयकों के खिलाफ टाउन हॉल से मैसूर बैंक सर्कल तक विरोध मार्च की योजना बनाई गई है। 
उन्होंने कहा, सामानों को ले जाने वाले ट्रांसपोर्टर, टैक्सी, ऑटो रिक्शा और निजी बस की सुविधाएं अनुपलब्ध होने की संभावना है, क्योंकि चालकों ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए एकजुटता व्यक्त की है। हालांकि, राज्य स्वामित्व वाले सार्वजनिक परिवहन, बस और मेट्रो की सर्विस सामान्य रहेगी। 

विधेयकों का बचाव करते हुए, सरकार ने बंद के किसी भी जबरन प्रवर्तन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सरकार ने कहा कि कार्यालयों, अस्पतालों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सामान्य कामकाज में कोई व्यवधान न हो और टैक्सियों और बसों की सेवाओं को बनाए रखा जाए, इस बात को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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पुलिस ने कहा है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए व्यापक रूप से कदम उठाए गए हैं। शहर के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने उल्लंघन होने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि हमने किसी को विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और वरिष्ठ अधिकारियों को चीजों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है। हम किसी को भी जबरदस्ती गतिविधियों को बंद करने या रोकने की अनुमति नहीं देंगे। 

इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों की समर्थक है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए कोई गुंजाइश नहीं है और लोग अपने दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को सामान्य रूप से पूरा कर सकते हैं।

सीएम ने कहा कि मैंने किसान संगठनों के नेताओं को बुलाया था और उनके साथ हमारी सरकार के रुख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा पर चर्चा की थी जो कि किसान-समर्थक है। 

कर्नाटक कृषि उपज विपणन (विनियमन और विकास) (संशोधन) विधेयक और कर्नाटक भूमि सुधार (दूसरा संशोधन) विधेयक को कड़े विरोध के बावजूद शनिवार को विधानसभा में पारित किया गया।

भूमि सुधार अधिनियम में संशोधन कृषि भूमि के स्वामित्व को उदार बनाता है और एपीएमसी संशोधन बिल स्थानीय कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) की शक्तियों को कम कर देता है। यह निजी व्यक्तियों को कृषि व्यापार शुरू करने की अनुमति देता है, यदि वे एक स्थायी खाता संख्या (पैन) रखते हैं।
 
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