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कर्नाटक: 100% आरक्षण वाले फैसले को कानूनी रूप देने की कोशिश में सरकार

Mon, 02 Oct 2017 02:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Mon, 02 Oct 2017 02:34 PM IST
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 Karnataka 100 percent quota for Kannadigas in private sector government wants to mulls legal cover
karnataka cm Siddaramaiah - फोटो : pti
कर्नाटक सरकार प्राइवेट नौकरियों में कन्नड़ भाषी को दिए गए 100 प्रतिशत आरक्षण को कानूनी सुरक्षा देने का मन बना रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ दिन पहले ही सरकार को इसके लिए कानूनी चुनौती दी गई थी।
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इसके लिए एडवोकेट जनरल (एजी), कानून विभाग, लेबर डिपार्टमेंट और कन्नड़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (KDA) के सदस्यों की मीटिंग हुई थी। मीटिंग में तय हुआ कि आरक्षण को सरकार कानूनी रूप से तर्कसंगत बनाएगी। इस आरक्षण में सी और डी ग्रुप की नौकरियों (ब्लू कॉलर) में कन्नड़ भाषियों को आरक्षण मिलता है।
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मीटिंग में तय हुआ है कि शुरुआती तौर पर उन लोगों को रिजर्वेशन दिया जाए जिन्होंने पहली से दसवीं क्लास तक कन्नाड़ पढ़ी हो। यह शख्स के रहने के स्थान की वजह से हो सकने वाले भेदभाव को रोकने के लिए होगा। उनका भी ध्यान रखने की बात सोची जा रही है जिन्होंने पढ़ाई से अलग कन्नड़ भाषा सीखी हो। साथ ही जो शख्स 15 साल का डोमीसेल सर्टिफिकेट देकर यह साफ कर देगा कि वह कर्नाटक का ही रहने वाला है और उसको कन्नाड़ में काम करना आता है और भी नौकरी दी जाएगी। 

हालांकि, अभी कुछ फाइनल नहीं किया गया है, इन सब पर सिर्फ बात हुई है। श्रम मंत्रालय ने दिसंबर 2016 में प्राइवेट सेक्टर में कन्नड़ियों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण का नियम बनाया था। इसके लिए Karnataka Industrial Employment (Standing Orders) Rules, 1961 में बदलाव किए गए थे।
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