फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kapil sibal says we do not want the change which brings waste is not acceptable

सरकारें डरें तो स्वतंत्रता, लोग डरें तो अत्याचार : दीपक मिश्रा

Sun, 09 Dec 2018 04:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Dec 2018 04:51 AM IST
विज्ञापन
kapil sibal says we do not want the change which brings waste is not acceptable
दीपक मिश्रा

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि एक समाज में अगर नागरिक को स्वतंत्रता नहीं मिलेगी तो तनाव पैदा होगा। देश में जब सरकारें लोगों से डरती हैं तो वहां स्वतंत्रता होती है। वहीं, जब लोग सरकार से डरते हैं तो वहां अत्याचार होता है। आजादी से कोई समझौता नहीं हो सकता। अगर आप किसी से आजादी छीन लेंगे तो यह वैसे ही होगा, जैसे बिना खुशबू का गुलाब। अगर कोई संविधान से छेड़छाड़ करता है, धोखा करता है तो वह भावी पीढ़ी का हक छीन रहा है। 

विज्ञापन

धर्म में कोर्ट का दखल नहीं हो सकता : रोहतगी 

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, मेरी राय है कि धर्म से जुड़े रीति रिवाज में कोर्ट का दखल नहीं हो सकता। सिखों के केश, कृपाण पर कोर्ट दखलअंदाजी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत है।

उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजकल मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने को देशद्रोह बताया दिया जाता है। लोग सवाल पूछने से डरने लगे हैं। क्या हम ऐसा बदलाव चाहते थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला बदलाव नहीं चाहिए

सिब्बल ने एक कार्यक्रम में शनिवार को कहा, ‘सांविधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर संकट पैदा करने वाला बदलाव खतरनाक है। देश को ऐसा बदलाव नहीं चाहिए जो अपने पीछे बर्बादी छोड़ जाए, जो संविधान की धज्जियां उड़ा दे और संविधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण कर दे। बदलाव भविष्य के लिए होता है, उन्नति के लिए होता है।’ 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पीएम पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 100 दिन में काला धन वापस लाने का वादा किया था। हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख आने का वादा किया था। उनके नोटबंदी के फैसले से एटीएम की लाइन में खड़े 100 से ज्यादा लोग मर गए। आपने गरीबों की कमाई को एक क्षण में खत्म कर दिया, लोगों का इलाज नहीं हो सका। दुख की बात है कि अब अच्छे दिनों की बात नहीं होती, सच्चे दिन नहीं दिखते। कहां गया विकास का एजेंडा।

विज्ञापन

आरएसएस को भी घेरा 

सिब्बल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल कह रहे हैं कि वह पहले आरएसएस के हैं, बाद में राज्यपाल। शिक्षण संस्थाओं में हर जगह संघ के लोगों को वाइस चांसलर नियुक्त किया जा रहा है। संघ का एजेंडा चलाया जा रहा है। संघ के लोग उच्च संस्थाओं में बैठे हैं। सब कुछ संघ के पक्ष में किया जा रहा है। 

धर्म में कोर्ट का दखल नहीं हो सकता : रोहतगी 

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, मेरी राय है कि धर्म से जुड़े रीति रिवाज में कोर्ट का दखल नहीं हो सकता। सिखों के केश, कृपाण पर कोर्ट दखलअंदाजी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed