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Ajmer: 'राजनीतिक फायदे के लिए हम देश को कहां ले जा रहे?', दरगाह में शिव मंदिर के दावे पर भड़के कपिल सिब्बल

Thu, 28 Nov 2024 10:23 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 28 Nov 2024 10:23 AM IST
सार

वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया सामने आई है। कपिल सिब्बल ने विवाद पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए हम देश को कहां लेकर जा रहे हैं?

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Kapil sibal angry over shiva templa claim on ajmer dargah said where we taking country for politics
कपिल सिब्बल - फोटो : एएनआई

विस्तार

संभल में मंदिर-मस्जिद विवाद पर हंगामा जारी है। इस बीच अजमेर की मशहूर मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। दरअसल दावा किया गया है दरगाग में शिव मंदिर है। अजमेर की एक अदालत ने इस मामले में दरगाह समिति को नोटिस भी जारी किया है। अब इस विवाद पर वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया सामने आई है। कपिल सिब्बल ने विवाद पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए हम देश को कहां लेकर जा रहे हैं?
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कपिल सिब्बल ने विवाद पर जताई चिंता
गौरतलब है कि अजमेर की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने वाले दीवानी मुकदमे में तीन पक्षों को नोटिस जारी किया जाए, जिनमें अजमेर दरगाह समिति, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कार्यालय शामिल हैं। इस पर कपिल सिब्बल ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'चिंताजनक। नया दावा: अजमेर दरगाह में शिव मंदिर। हम देश को कहां ले जा रहे हैं? और क्यों? क्या राजनीतिक लाभ के लिए!' वकील योगेश सिरोजा ने अजमेर में संवाददाताओं को बताया कि मुकदमे की सुनवाई सिविल जज मनमोहन चंदेल की अदालत में हुई। दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए सितंबर में यह मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें मंदिर में फिर से पूजा शुरू करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
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वादी ने क्या की हैं मांग
वादी विष्णु गुप्ता ने कहा, 'हमारी मांग है कि अजमेर दरगाह को संकट मोचन महादेव मंदिर घोषित किया जाए और अगर दरगाह का किसी तरह का पंजीकरण है, तो उसे रद्द किया जाए। इसका सर्वेक्षण एएसआई के माध्यम से किया जाना चाहिए और हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार दिया जाना चाहिए।' अदालत अब इस मामले में 20 दिसंबर को फिर से सुनवाई करेगी। अजमेर दरगाह की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश के संभल में पहले से ही मंदिर-मस्जिद विवाद में हिंसा भड़की हुई है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई है और कई पुलिसकर्मी घायल हैं। संभल में एक स्थानीय अदालत ने एक मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया, जिसके बारे में याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह एक पुराने मंदिर को नष्ट करके बनाई गई थी।
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