{"_id":"69e38b05459096489106ecfd","slug":"kannur-thaliparamba-court-sentences-cpm-workers-thimiri-bomb-attack-case-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल बम हमला: 10 CPM कार्यकर्ताओं को 25-25 साल की सजा, कोर्ट ने कहा-राजनीतिक हिंसा बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल बम हमला: 10 CPM कार्यकर्ताओं को 25-25 साल की सजा, कोर्ट ने कहा-राजनीतिक हिंसा बर्दाश्त नहीं
Sat, 18 Apr 2026 07:15 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 18 Apr 2026 07:15 PM IST
सार
केरल के कन्नूर में 2011 में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए बम हमले में थलिपरम्बा कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने CPM के 10 कार्यकर्ताओं को दोषी करार देते हुए 25 साल के कठोर कारावास की सजा दी। मुख्य आरोपी टी.वी. बिनु समेत 9 दोषियों की सजाएं एक साथ चलेंगी, जिससे उन्हें 10 साल जेल में गुजारने होंगे। अदालत ने इसे पूर्व नियोजित हिंसा करार दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल की राजनीति में हिंसा और प्रतिशोध का केंद्र रहे कन्नूर से एक बड़ी खबर सामने आई है। थलिपरम्बा कोर्ट ने 2011 के चर्चित थिमिरी बम हमला मामले में सीपीएम के 10 कार्यकर्ताओं को 25-25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश केएन प्रशांत ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर की जाने वाली हिंसा को न्यायपालिका कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2011 का है। तब अलाकोड के पास थिमिरी में आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर बम फेंके गए थे। अभियोजन पक्ष ने अदालत में साबित किया कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी। कन्नूर में लंबे समय से चली आ रही प्रतिशोधात्मक राजनीति के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
चश्मदीदों के अनुसार, सीपीएम कार्यकर्ताओं की भीड़ ने सुनियोजित तरीके से उन पर हमला बोला। इस दौरान न केवल देशी बमों का उपयोग किया गया, बल्कि तलवारों और लोहे की रॉड जैसे घातक हथियारों से भी हमला किया गया था। इस हिंसा में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें प्रजेश और वीवी सुनील जैसे स्थानीय कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने जांच में पाया कि हमलावरों ने पहले इलाके की रेकी की थी और यह सुनिश्चित किया था कि हमले के समय वहां पुलिस की मौजूदगी न हो।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Indian Vessels Around Hormuz: होर्मुज में ईरानी सैनिकों की गोलीबारी, भारतीय जहाजों को लौटना पड़ा
22 गवाहों ने दी गवाही
इस हमले में शामिल टीवी बिनु की गिनती इलाके के प्रभावशाली कैडरों में होती थी, जिसके कारण शुरुआत में गवाहों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे। लंबे समय तक चले इस मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 22 गवाहों को पेश किया। वहीं, हमले में इस्तेमाल किए गए बमों के अवशेष व फोरेंसिक सबूत अदालत के सामने रखे। इस मामले की खास बात यह रही कि थलिपरम्बा की अतिरिक्त जिला अदालत ने आरोपियों को न केवल 'हत्या के प्रयास' बल्कि 'विस्फोटक पदार्थ अधिनियम' की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी पाया।
25 साल की सजा, लेकिन जेल में रहेंगे 10 साल
अदालत ने उडुम्ब बिनु के नाम से कुख्यात टीवी बिनु समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया। हालांकि, कोर्ट ने एक तकनीकी राहत भी दी है। 10 में से नौ दोषियों की सजा एक साथ चलेगी। इसका मतलब यह है कि कागजों पर सजा 25 साल की है, लेकिन उन्हें प्रभावी रूप से 10 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताने होंगे।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2011 का है। तब अलाकोड के पास थिमिरी में आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर बम फेंके गए थे। अभियोजन पक्ष ने अदालत में साबित किया कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी। कन्नूर में लंबे समय से चली आ रही प्रतिशोधात्मक राजनीति के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
विज्ञापन
चश्मदीदों के अनुसार, सीपीएम कार्यकर्ताओं की भीड़ ने सुनियोजित तरीके से उन पर हमला बोला। इस दौरान न केवल देशी बमों का उपयोग किया गया, बल्कि तलवारों और लोहे की रॉड जैसे घातक हथियारों से भी हमला किया गया था। इस हिंसा में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें प्रजेश और वीवी सुनील जैसे स्थानीय कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने जांच में पाया कि हमलावरों ने पहले इलाके की रेकी की थी और यह सुनिश्चित किया था कि हमले के समय वहां पुलिस की मौजूदगी न हो।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Indian Vessels Around Hormuz: होर्मुज में ईरानी सैनिकों की गोलीबारी, भारतीय जहाजों को लौटना पड़ा
22 गवाहों ने दी गवाही
इस हमले में शामिल टीवी बिनु की गिनती इलाके के प्रभावशाली कैडरों में होती थी, जिसके कारण शुरुआत में गवाहों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे। लंबे समय तक चले इस मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 22 गवाहों को पेश किया। वहीं, हमले में इस्तेमाल किए गए बमों के अवशेष व फोरेंसिक सबूत अदालत के सामने रखे। इस मामले की खास बात यह रही कि थलिपरम्बा की अतिरिक्त जिला अदालत ने आरोपियों को न केवल 'हत्या के प्रयास' बल्कि 'विस्फोटक पदार्थ अधिनियम' की विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी पाया।
25 साल की सजा, लेकिन जेल में रहेंगे 10 साल
अदालत ने उडुम्ब बिनु के नाम से कुख्यात टीवी बिनु समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया। हालांकि, कोर्ट ने एक तकनीकी राहत भी दी है। 10 में से नौ दोषियों की सजा एक साथ चलेगी। इसका मतलब यह है कि कागजों पर सजा 25 साल की है, लेकिन उन्हें प्रभावी रूप से 10 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताने होंगे।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन