कमलनाथ सरकार ने गौ हत्या के मामले में लगाई रासुका, लेफ्ट ने राहुल से मांगा जवाब
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मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार इन दिनों सॉफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर चल रही है। पुजारियों के मानदेय में बढ़ोतरी और कुंभ में यात्रियों को भेजने के फैसले के बाद अब सूबे की कांग्रेस सरकार गौ हत्या के मामले को लेकर चर्चा में है। दरअसल, खड़वा जिले में तीन आरोपियों के खिलाफ गोहत्या के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की कार्रवाई की गई है। यह पहली बार है जब किसी कांग्रेस शासित राज्य में ऐसी कार्रवाई की गई है।
चुनाव के दौरान कांग्रेस ने गौशाला के निर्माण की बात कही थी। सरकार बनते ही कमलनाथ ने इसकी कवायद भी शुरू कर दी। पिछले दिनों हुई कैबिनेट बैठक में चार महीने में एक हजार गौशालाओं के निर्माण पर फैसला हुआ था। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून इसलिए लगाया गया है क्योंकि तीनों आरोपियों में एक व्यक्ति पहले भी यह अपराध कर चुका है।
सीपीआई के सांसद डी राजा ने इस मामले में बोलते हुए कहा कि भाजपा से लड़ना अलग बात है मगर आप इन चीजों को आप कैसे सही ठहरा सकते हैं? राहुल गांधी को अपनी सरकार के इस कदम पर जवाब देना चाहिए।
D Raja, CPI MP on NSA invoked in cattle slaughter case in Khandwa, Madhya Pradesh: Fighting BJP is one thing, how can they justify such actions? Rahul Gandhi must explain what his party's governments are doing in their respective states. pic.twitter.com/0hq1TOR3fL
— ANI (@ANI) February 6, 2019
शुक्रवार को पुलिस को मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या की जानकारी मिली थी जिसके बाद खरखाली गांव के रहने वाले दो आरोपी राजू उर्फ नदीम और शकील को गिरफ्तार किया गया था। तीसरा आरोपी आजम सोमवार को पकड़ में आया था।
पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि नदीम पहले भी गौ हत्या के मामले में शामिल रह चुका है। तीनों के खिलाफ गोवध अधिनियम की धारा 4,6 और 9 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी की सिफारिश पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की धाराएं भी लगाईं गई है। इसके अंतर्गत आरोपी को लगभग एक साल तक हिरासत में रखा जा सकता है।
शिवराज सरकार में भी लगी थी रासुका
पिछले महीने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तीन लोगों के खिलाफ गौ हत्या के मामले मे रासुका लगाई गई थी। गौ हत्या के बाद भड़की हिंसा में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी।