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कोर्ट की खबरें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कालका जी मंदिर के आसपास बसे पुजारियों को संपत्ति से न किया जाए बेदखल, पढ़ें अन्य समाचार

Mon, 13 Jun 2022 09:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/बेंगलुरु Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 13 Jun 2022 09:10 PM IST
सार

इस बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा, आपराधिक मुकदमों में सत्र न्यायाधीश के आदेश पर पॉक्सो कानून के नए मामले को जोड़ा जा सकता है।

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Kalkaji temple re development plan SC asks authorities not to dispossess priests from properties Karnataka High Court Latest Update
court new - फोटो : istock

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कालका जी मंदिर के पुनर्निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों से मंदिर के आसपास बसे पुजारियों को उनकी संपत्ति से बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया। मंदिर के पुजारियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 

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जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस विक्रम नाथ ने पुजारियों की याचिका पर केंद्र व अन्य को नोटिस भी जारी किया और मामले को अन्य लंबित याचिका के साथ सूचीबद्ध कर दिया। पीठ ने कहा, इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पुनर्विकास करने में कोई बाधा नहीं होगी, लेकिन इसमें वहां उपस्थित याचिकाकर्ता पुजारियों को बेदखल नहीं किया जाना चाहिए। 
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सुनवाई के दौरान पुजारियों के वकील ने कहा, उनके पास सभी राजस्व रिकॉर्ड हैं जो बताते हैं कि वे वर्षों से ये संपत्ति इन पुजारियों के कब्जे में हैं। सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है। यह एक एतिहासिक तथ्य है कि मंदिर के पुजारी आमतौर पर मंदिर के आसपास रहते थे और इस मामले में भी ऐसा ही रहा है। उन्होंने कहा, पुजारी मंदिर के पुनर्विकास के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उनकी धर्मशालाएं और घरों को इसके तहत नहीं गिराया जाना चाहिए। 
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पीठ ने पूछा, जिस जमीन पर पुजारी अपना दावा कर रहे हैं वह उनके नाम पर है या फिर भगवान के नाम पर है। इस पर वकील ने कहा, ये सभी जमीनें पुजारियों के ही नाम पर है। एसडीएम के समक्ष इसको लेकर एक रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। 


आपराधिक मुकदमे में पॉक्सो का नया मामला जोड़ना संभव: हाईकोर्ट
इस बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा, आपराधिक मुकदमों में सत्र न्यायाधीश के आदेश पर पॉक्सो कानून के नए मामले को जोड़ा जा सकता है। नाबालिग की खरीद, आपराधिक धमकी और साजिश के मामले में आरोपी व्यक्ति ने उसके खिलाफ पॉक्सो की धारा 7 का मामला जोड़ने के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका  खारिज करते हुए कहा, संबंधित अदालत के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने गवाही में बताया है कि आरोपी ने उसे गलत इरादे से छुआ था। इसलिए पॉक्सो कानून की धारा 7 लगाने में कोई गलती नहीं हुई। 

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