फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger

के-9 वज्र- एम 777 होवित्जर की ललकार से पाकिस्तान और चीन के छूटेंगे पसीने, मजबूत हुई भारत की स्थिति

Fri, 09 Nov 2018 06:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Nov 2018 06:14 PM IST
विज्ञापन
k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
‘के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : PTI
भारतीय सेना दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए अब और मजबूत हो गई है। भारतीय सेना का तीन दशक पुराना इंतजार 9 नवंबर, शुक्रवार को खत्म हो गया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में नासिक के देवलाली तोपखाना केंद्र पर ‘के9 वज्र और एम777 होवित्जर' तोपों को सेना में शामिल किया गया। इस दौरान दोनों तोपों का एक डेमो भी किया गया। इस दौरान यहां सेना प्रमुख बिपिन रावत भी मौजूद थे। 
विज्ञापन

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
‘के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
पाकिस्तान और चीन की सीमा पर मिल रही चुनौतियों के मद्देनजर इस तोप की जरूरत काफी समय पहले से महसूस की जा रही थी। आखिरी बार भारतीय सेना में बोफोर्स तोप को शामिल किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
तोपों के डेमो के दौरान रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि हम मजबूती की ओर बढ़ रह हैं। ये दोनों तोपें अपनी मौजूदगी गूंज दुर्गम पहाड़ियों पर भी सुनाएगीं। शुक्रवार को 155 एमएम, एम777 ए2 अल्ट्रा लाइट होवित्जर आधुनिक गन सिस्टम्स को सेना में शामिल किया गया। इस तोप की खासियत यह है कि यह आसानी से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी तैनात की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि 2006 से इसे लेकर बातचीत चल रही थी और पिछले तीन साल के अंदर इसे मुकाम तक पहुंचाया गया।'
 
विज्ञापन

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'के. 9 वज्र को 4,366 करोड़ रूपये की लागत से शामिल किया जा रहा है। यह कार्य नवंबर 2020 तक पूरा होगा। कुल 100 तोपों में 10 तोपें प्रथम खेप के तहत इस महीने आपूर्ति की जाएगी। अगली 40 तोपें नवंबर 2019 में और फिर 50 तोपों की आपूर्ति नवंबर 2020 में की जाएगी। के. 9 वज्र की प्रथम रेजीमेंट जुलाई 2019 तक पूरी होने की उम्मीद है।  
 

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
थल सेना ''145 एम 777 होवित्जर की सात रेजीमेंट भी बनाने जा रही है। मंत्रालय के मुताबिक सेना को इन तोपों की आपूर्ति अगस्त 2019 से शुरू हो जाएगी और यह पूरी प्रक्रिया 24 महीने में पूरी होगी। प्रथम रेजीमेंट अगले साल अक्तूबर तक पूरी होगी। 

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
के-9 में क्या है खास
 इस तोप की मारक क्षमता 28-30 किमी है जो 30 सेकेंड में 3 गोले दाग सकती है। यह पहली ऐसी तोप है जिसे इंडियन प्राइवेट सेक्टर ने बनाया है। यह तोप तीन मिनट में 15 राउंड की भीषण गोलाबारी कर सकती है और 60 मिनटों में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है।

k-9 vjra m77 hovitzer Indias position on Pakistan and China border will be stronger
के9 वज्र और एम777 होवित्जर - फोटो : pti
एम 777 होवित्जर तोप की विशेषता
 यह तोप भी 30 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हेलीकॉप्टर और प्लेन के माध्यम से मनचाही जगह पर ले जाया जा सकता है।  इस समय इस तोप का इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की सेना कर रही है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed