मध्यप्रदेश संकट: सिंधिया ने दिल्ली में कहा- 'हैप्पी होली', विस अध्यक्ष बोले- कार्रवाई करूंगा
कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद वह दिल्ली स्थित अपने आवास पहुंचे। यहां मीडिया से उन्होंने मध्यप्रदेश के ताजा सियासी हालात और अपने इस्तीफे को लेकर बात तो नहीं की, लेकिन 'हैप्पी होली' जरूर कहा। उधर, भाजपा की ओर से विधायकों के इस्तीफों की प्रति सौंपे जाने पर मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि वह प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
मंगलवार को मध्यप्रदेश में सियासी हालात पल-पल बदलते रहे। प्रदेश से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में हलचल देखने को मिली। शाम को जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने विधायक दल की बैठक की, वहीं अपने विधायकों को एकजुट रखने का भी प्रयास किया। इसके तहत भाजपा ने अपने विधायकों को दिल्ली रवाना कर दिया। वहीं कांग्रेस ने बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित करने के साथ विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए संख्या पूरी होने का दावा किया।
बहरहाल, इस सबसे दूर दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में क्या कुछ तय हुआ, यह अभी पर्दे के पीछे ही है। सिंधिया अपने दिल्ली आवास पर पहुंचे परंतु मीडिया से दूरी बनाकर रखी और 'हैप्पी होली' कहकर शुभकामनाएं देते हुए आगे बढ़ गए।
इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरूआत 11 मार्च को भाजपा की सदस्यता लेकर कर सकते हैं। जबकि वह 12 मार्च को अपने गृहनगर ग्वालियर जाएंगे और 13 मार्च को भोपाल में रहेंगे।
भाजपा ने दिल्ली भेजे अपने विधायक
मध्यप्रदेश में जारी सियासी पैंतरेबाजी और सरकार गिराने-बनाने की जोड़तोड़ के बीच भाजपा में भी हलचल तेज है। भाजपा के विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी कार्यालय के बाहर खड़ी बसों में विधायकों को बैठाकर दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
इस दौरान बस में बैठे पार्टी के विधायक हंसते और नारेबाजी करते नजर आए। हालांकि विधायकों को यह नहीं बताया गया था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। इस दौरान एक विधायक विजय शाह ने बताया कि हम या तो बंगलूरू जा रहे हैं या फिर दिल्ली। जबकि बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री और दमोह से सांसद प्रहलाद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित
भोपाल में मंगलवार शाम हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को संतुष्ट करने के लिए जनादेश का अपमान करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसकी निंदा की जाती है।
इसके साथ ही प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि हम सर्वसम्मति से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ज्योतिरादित्य सिंधिया को निष्कासित करने के लिए अंतरिम अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हैं।
सीएम हाउस में क्या कुछ हुआ
बता दें कि यह बैठक मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई। बैठक में कांग्रेस के 88 और 4 निर्दलीय विधायक शामिल हुए। बैठक में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनादेश प्राप्त कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों की निंदा कर प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा ने प्रजातंत्र को शर्मसार करते हुए जनप्रतिनिधियों को प्रलोभित, प्रताड़ित और गुमराह करके प्रजातंत्र को शर्मसार किया है।
यह प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने रखा। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अवमानना करते हुए भाजपा ने मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ नागरिकों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं का कुठाराघात करने की कोशिश की है जो निंदनीय है।
प्रस्ताव में कहा गया भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहले कुछ कांग्रेस के और निर्दलीय विधायकों को प्रलोभित किया गया। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और प्रभारी मध्यप्रदेश सुधांशु त्रिपाठी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सांसद विवेक तन्खा मौजूद रहे।
हमारे पास संख्या, साबित करेंगे बहुमत: कांग्रेस
भोपाल में विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से बहुमत साबित करने को लेकर बयान आया। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शोभा ओझा और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने दावा किया है कि हमारे पास संख्या है और हम विधानसभा में अपनी गिनती सिद्ध करेंगे। उन्होंने कहा कि सिंधिया के समर्थक विधायक सभी हमारे संपर्क में हैं, समय आने पर वे भी सामने आएंगे।
ओझा ने मीडिया से कहा कि बैठक अच्छी रही। निर्दलीय सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद थे। हमारे पास संख्या है, हम यह लड़ाई एक साथ लड़ेंगे। कुछ विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए राज्यसभा की सीट की मांग को लेकर उनके समर्थन में थे। लेकिन जब उनके (ज्योतिरादित्य सिंधिया के) भाजपा में जाने की चर्चा शुरू हुई, तो ये विधायक नाराज हो गए। वे सभी मुख्यमंत्री के संपर्क में हैं।
सरकार को कोई खतरा नहीं है, हम विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। वहीं कांग्रेस पार्टी के नेता लक्ष्मण सिंह का कहना था कि अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। हमारे पास अभी 94 विधायक हैं, कोई भी पार्टी का मनोबल नहीं तोड़ सकता।
प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करूंगा: विधानसभा अध्यक्ष
इससे पहले बंगलूरू में ठहरे कांग्रेस के 19 बागी विधायकों के त्यागपत्रों की मूल प्रति भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को सौंपी। विधायकों के इस्तीफों की मूल प्रति विशेष विमान से यहां लाई गई थी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि इस्तीफे दिए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई करूंगा।
इन विधायकों के इस्तीफे की प्रति सौंपी
बता दें कि भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह के जरिए बंगलूरू से अपने इस्तीफे भेजने वाले छह मंत्रियों में तुसली सिलावट (सांवेर) , गोविंद सिंह राजपूत (सुरखी), डॉ. प्रभुराम चौधरी (सांची), इमरती देवी (डबरा), प्रद्युन्न सिंह तोमर (ग्वालियर) और महेंद्र सिंह सिसोदिया (बमोरी) शामिल हैं।
जबकि बंगलूरू से त्यागपत्र भेजने वाले विधायकों में हरदीप सिंह डंग (सुवासरा), राज्यवर्घन सिंह (बदनावर), ब्रजेंद्र सिंह यादव (मुंगावली), जसपाल जज्जी (अशोक नगर), सुरेश धाकड़ (पोहरी), जसवंत जाटव (करेरा), रक्षा संतराम सरोनिया (भांडेर), मुन्नालाल गोयल (ग्वालियर पूर्व), रणवीर जाटव (गोहद), ओपीएस भदौरिया (मेहगांव), कमलेश जाटव (अम्बाह), गिरिराज दंडोतिया (दिमनी) और रघुराज कंसाना (मुरैना) शामिल हैं।
ये सभी विधायक वहां एक रिसॉर्ट में ठहरे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के तीन अन्य विधायकों बिसाहूलाल सिंह (अनूपपुर), एदल सिंह कंसाना (सुमावली) और मनोज चौधरी (हाटपिपल्या) ने भोपाल में इस्तीफा दिया है।