नाबालिग बनी ग्राम प्रधान, डीएम से मांगा गया जवाब
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जौनपुर के शाहगंज तहसील की ग्राम पंचायत भगमलपुर में एक 17 वर्षीय किशोरी को ग्राम प्रधान चुने जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने डीएम जौनपुर से इस बाबत जवाब तलब कर लिया है। निर्वाचित प्रधान को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार अप्रैल को होगी।
कोर्ट ने कहा कि चुनाव संबंधी मामले चुनाव याचिका के साथ प्रस्तुत होने चाहिए, मगर यहां मामला एक नाबालिग के चुने जाने का है, इसलिए डीएम विस्तृत हलफनामा दाखिल कर जानकारी उपलब्ध कराएं। इंद्रावती की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति वीके मिश्र की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
25 वर्ष बताई गई उम्र
याची का कहना है कि निर्वाचित ग्राम प्रधान रंजना गौतम की आयु मतदाता सूची में 25 वर्ष अंकित है, इसी आधार पर उसने पर्चा दाखिल किया और ग्राम प्रधान चुन ली गई। याची की शिकायत है कि रंजना की वास्तविक उम्र 17 वर्ष है और चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है।
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता एके राय ने बताया कि रंजना के हाईस्कूल प्रमाणपत्र में उसकी जन्म तिथि 10 अगस्त 1998 दर्ज है किंतु मतदाता सूची में आयु 25 वर्ष दर्ज है, इसी आधार पर उसका नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया। कोर्ट का कहना था कि मतदाता सूची में दर्ज आयु प्रमाणिक नहीं मानी जा सकती है। ग्राम प्रधान रंजना को भी कोर्ट ने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है।