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Ram Setu: 'राम सेतु' को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित किया जाए या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
Wed, 17 Aug 2022 11:05 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 17 Aug 2022 11:05 PM IST
सार
याचिकाकर्ता स्वामी ने कहा कि वह पहले ही मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं जिसमें केंद्र ने 'राम सेतु' के अस्तित्व को स्वीकार किया था। वह मामले की जल्द से जल्द सुनवाई चाहते हैं।
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Ram Setu
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट भारतीय जनता पार्टी के नेता की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है, जिसमें केंद्र को 'राम सेतु' को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। स्वामी ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया, जिसने उन्हें जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ के समक्ष इसका जिक्र करने के लिए कहा। स्वामी ने इसके बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने स्वामी से कहा कि वह पीठ के अन्य न्यायाधीशों से परामर्श करेंगे और मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे।
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स्वामी ने की जल्द सुनवाई की मांग
स्वामी ने कई मौकों पर मामले की जल्द से जल्द सुनवाई के लिए इस मामले का जिक्र किया था। इससे पहले स्वामी ने कहा था कि यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है और इस पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है। स्वामी ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से एक आदेश पारित करने और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) के साथ भारत संघ को राम सेतु को राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारक के रूप में घोषित करने का निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने शीर्ष अदालत से एक आदेश पारित करने और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारक के रूप में राम सेतु के संबंध में एक विस्तृत सर्वे करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया था।
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स्वामी ने कहा कि वह पहले ही मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं जिसमें केंद्र ने 'राम सेतु' के अस्तित्व को स्वीकार किया और कहा था कि संबंधित केंद्रीय मंत्री ने सेतु को राष्ट्रीय विरासत घोषित करने की उनकी मांग पर विचार करने के लिए 2017 में एक बैठक बुलाई थी। लेकिन बाद में कुछ नहीं हुआ। राम सेतु तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट से दूर पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक श्रृंखला है। इसे रामेश्वरम द्वीप के रूप में भी जाना जाता है।
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