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जस्टिस अरुण मिश्रा बोले, पीएम मोदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी और दूरदर्शी सोच वाले नेता
Sat, 22 Feb 2020 06:38 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 22 Feb 2020 06:38 PM IST
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जस्टिस अरुण मिश्रा
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। जस्टिस मिश्रा ने पीएम मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसनीय दूरद्रष्टा और बहुमुखी प्रतिभा वाला ऐसा नेता बताया जिनकी सोच वैश्विक स्तर की है, लेकिन स्थानीय हितों को अनदेखा नहीं करते।
अप्रचलित हो चुके 1500 से ज्यादा कानूनों को खत्म करने के लिए पीएम मोदी और केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद की तारीफ करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का जिम्मेदार और सबसे अनुकूल सदस्य है।
सुप्रीम कोर्ट में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020-‘न्यायपालिका और बदलती दुनिया’ के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियां समान हैं और बदलती दुनिया में न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर आने वाले न्यायमूर्ति मिश्रा ने सम्मेलन के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। जस्टिस मिश्रा ने कहा, गरिमापूर्ण मानव अस्तित्व हमारी अहम चिंता है। हम वैश्विक स्तर की सोच रखकर अपने यहां काम करने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी नरेंद्र मोदी का उनके प्रेरक भाषण के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। उनके संबोधन सम्मेलन में विचार-विमर्श की शुरुआत के साथ और सम्मेलन का एजेंडा तय करने में उत्प्रेरक भूमिका निभाएंगे।
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोगों को हैरानी होती है कि यह लोकतंत्र कैसे इतनी कामयाबी से काम करता है। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त दूरद्रष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक जिम्मेदार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मित्रतापूर्ण व्यवहार रखने वाला सदस्य है। विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण का संरक्षण सर्वोच्च है।
न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, अब हम 21 वीं सदी में हैं । हम केवल वर्तमान ही नहीं भविष्य के वास्ते आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के लिए भी देख रहे हैं।
इस सम्मेलन में 20 से ज्यादा देशों के न्यायाधीश शिरकत कर रहे हैं।
(पीटीआई-एएनआई इनपुट)
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अप्रचलित हो चुके 1500 से ज्यादा कानूनों को खत्म करने के लिए पीएम मोदी और केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद की तारीफ करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का जिम्मेदार और सबसे अनुकूल सदस्य है।
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Supreme Court Justice Arun Mishra at the International Judicial Conference 2020 in Delhi: To strengthen judicial system is the call of the day as it is the backbone of democracy, whereas legislature is the heart & the executive is the brain. https://t.co/s86hVBLNjC
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 22, 2020
सुप्रीम कोर्ट में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020-‘न्यायपालिका और बदलती दुनिया’ के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियां समान हैं और बदलती दुनिया में न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर आने वाले न्यायमूर्ति मिश्रा ने सम्मेलन के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। जस्टिस मिश्रा ने कहा, गरिमापूर्ण मानव अस्तित्व हमारी अहम चिंता है। हम वैश्विक स्तर की सोच रखकर अपने यहां काम करने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी नरेंद्र मोदी का उनके प्रेरक भाषण के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। उनके संबोधन सम्मेलन में विचार-विमर्श की शुरुआत के साथ और सम्मेलन का एजेंडा तय करने में उत्प्रेरक भूमिका निभाएंगे।
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोगों को हैरानी होती है कि यह लोकतंत्र कैसे इतनी कामयाबी से काम करता है। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त दूरद्रष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक जिम्मेदार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मित्रतापूर्ण व्यवहार रखने वाला सदस्य है। विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण का संरक्षण सर्वोच्च है।
न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, अब हम 21 वीं सदी में हैं । हम केवल वर्तमान ही नहीं भविष्य के वास्ते आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के लिए भी देख रहे हैं।
इस सम्मेलन में 20 से ज्यादा देशों के न्यायाधीश शिरकत कर रहे हैं।
(पीटीआई-एएनआई इनपुट)