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अगले हफ्ते से न्यायाधीश न्यायालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर सकते हैं सुनवाई: न्यायालय
Tue, 12 May 2020 11:11 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Tue, 12 May 2020 11:11 PM IST
सार
शीर्ष अदालत लॉकडाउन लागू होने के बाद से 25 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर रहा है।
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supreme court
- फोटो : ANI
विस्तार
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुकदमों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के लिए न्यायाधीश अगले सप्ताह से न्यायालय कक्ष में आ सकते हैं।
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शीर्ष अदालत कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद से 25 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर रहा है। न्यायालय ने अधिवक्ताओं और अपने स्टाफ के प्रॉक्सीमिटी कार्ड भी निलंबित कर रखे हैं।
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न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना द्वारा एक मामले की सुनवाई के दौरान सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने जानना चाहा कि क्या न्यायाधीश शीर्ष अदालत के परिसर से ही न्यायिक कार्यवाही कर रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा, 'हां, यह पायलट परियोजना है और अगले सप्ताह से न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए न्यायालय कक्ष में आ सकते हैं।' इस पर मेहता ने कहा, 'उत्तम विचार है।'
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लॉकडाउन के दौरान पीठ के सदस्य न्यायाधीशों के आवास पर एकत्र होते हैं और वकीलों को अपने घर या कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई मे शामिल होने की अनुमति होती है।
इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को यह निर्णय लिया था कि 13 मई से उसके एकल न्यायाधीश की पीठ सात साल तक की सजा से संबंधित अपराधों के मामले में अंतरिम जमानत और जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। एकल न्यायाधीश की पीठ मुकदमों के स्थानांतरण के आवेदनों पर भी विचार करेगी।
शीर्ष अदालत में अभी दो या तीन न्यायाधीशों की पीठ मुकदमों की सुनवाई करती है। इसके बाद, पांच सदस्यीय या फिर इससे ज्यादा सदस्यों की संविधान पीठ संवैधानिक महत्व के मुद्दों की सुनवाई करती है।
शीर्ष अदालत लॉकडाउन लागू होने के बाद से 25 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर रहा है।