फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Judge of Tapi District Court in Gujarat said that houses made of cow dung are not affected by nuclear attacks

Gujarat: गाय के गोबर से बने घरों पर नहीं होता परमाणु हमलों का असर, तापी जिला कोर्ट के जज ने किए ऐसे कई दावे

Sun, 22 Jan 2023 10:53 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 22 Jan 2023 10:53 PM IST
सार

सत्र न्यायधीश व्यास ने मामले में 24 पन्नों में आदेश में दिया। गुजराती भाषा में लिखे अपने आदेश में उन्होंने कहा कि एक समय आने के बाद लोग गाय की तस्वीरें बनाना भी भूल जाएंगे। अपने आदेश में उन्होंने जलवायु पर भी गाय के असर को प्रभावकारी माना।

विज्ञापन
Judge of Tapi District Court in Gujarat said that houses made of cow dung are not affected by nuclear attacks
कोर्ट ने की टिप्पणी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गुजरात की एक जिला अदालत ने हाल ही में पशु तस्करी के एक मामले में फैसला किया है। मामले में आरोपी 22 वर्षीय व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा का आदेश देते समय अदालत ने गाय को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर गौहत्या बंद हो जाए तो इस पृथ्वी की सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा के कई श्लोंकों का भी उदाहरण दिया। 

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बयान और तर्क गुजरात के तापी जिले के सत्र न्यायाधीश एसवी व्यास ने दिए। उन्होंने कहा कि धर्म गाय से पैदा होता है क्योंकि धर्म वृषभ के रूप में होता है और गाय के पुत्र को वृषभ कहा जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गाय के गोबर से बने घरों पर परमाणु विकिरण का भी असर नहीं होता है। इसके अलावा गौमूत्र को पीने से कई गंभीर बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। बता दें कि तापी जिला अदालत के जज द्वारा किए गए इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।  
विज्ञापन


सत्र न्यायाधीश एसवी व्यास ने मामले में फैसला सुनाने के दौरान गौहत्या करने और मवेशियों की तस्करी की घटनाओं को सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा 'गाय केवल एक जानवर नहीं है, बल्कि यह मां है इसलिए इसे मां का नाम दिया गया है। एक गाय 68 करोड़ पवित्र स्थानों और तैंतीस करोड़ देवताओं का जीवित ग्रह है। जिस दिन गाय के रक्त की एक बूंद भी पृथ्वी पर नहीं गिरेगी, पृथ्वी की सभी समस्याएं हल हो जाएंगी और पृथ्वी पर भलाई स्थापित हो जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सत्र न्यायधीश व्यास ने मामले में 24 पन्नों में आदेश में दिया। गुजराती भाषा में लिखे अपने आदेश में उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गाय का 75% धन नष्ट हो गया है और अब केवल 25% धन ही बचा है। उन्होंने आगे कहा कि एक समय आने के बाद लोग गाय की तस्वीरें बनाना भी भूल जाएंगे। अपने आदेश में उन्होंने जलवायु पर भी गाय के असर को प्रभावकारी माना। उन्होंने कहा कि जलवायु में गर्मी बढ़ने का एकमात्र कारण गोवध है। जब तक यह पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं हो जाता, तब तक सात्विक जलवायु का प्रभाव नहीं हो सकता। 


गौरतलब है कि तापी जिला अदालत के न्यायधीश ने यह टिप्पणियां जुलाई 2020 में एक ट्रक में 16 से अधिक गायों और गोवंशों की तस्करी से जुड़े मामले में की। इस मामले में मोहम्मद आमीन आरिफ अंजुम को गिरफ्तार किया गया था।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed