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BJP President: लोकसभा चुनाव तक नड्डा रह सकते हैं भाजपा अध्यक्ष,राज्यों के चुनाव के बीच बदलाव नहीं चाहती पार्ट
Tue, 27 Sep 2022 05:57 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 27 Sep 2022 05:57 AM IST
सार
भाजपा संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50 % राज्य इकाइयों में संगठन चुनाव जरूरी है। चूंकि नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा है, ऐसे में आधे राज्यों में अगस्त में ही संगठन चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी।
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जेपी नड्डा
- फोटो : Twitter @bjp4 india
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विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को आगामी लोकसभा चुनाव तक सेवा विस्तार मिलने के आसार हैं। दरअसल, वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के मुताबिक, नड्डा भाजपा के जातीय समीकरण में भी फिट बैठ रहे हैं। इसके अलावा अध्यक्ष पद के लिए 50 फीसदी राज्यों में संगठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि नड्डा का बतौर अध्यक्ष कार्यकाल अगले साल जनवरी में खत्म हो रहा है।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद अगले साल आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में तेलंगाना, कर्नाटक, त्रिपुरा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे अहम राज्य शामिल हैं। ऐसे में नया अध्यक्ष नियुक्त करना भाजपा को रणनीतिक दृष्टि से मुफीद नहीं लग रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी अध्यक्ष रहे अमित शाह का भी कार्यकाल इसी प्रकार बीते लोकसभा चुनाव तक बढ़ा दिया गया था।
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पीएम मोदी पहले ही दे चुके हैं संदेश
कुछ महीने पूर्व हैदराबाद में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस आशय के संकेत दिए थे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि तब पीएम ने कहा था कि कोरोना महामारी के कारण नड्डा को संगठन क्षमता साबित करने के लिए उचित समय नहीं मिल पाया। नड्डा जब अध्यक्ष बने उसके बाद कोरोना महामारी के कारण पार्टी ने संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए वर्चुअल माध्यम का उपयोग किया। इसके बाद से ही नड्डा को कार्यकाल विस्तार मिलने की संभावना जताई जाने लगी।
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जातीय समीकरण अहम कारण
अहम कारण जातीय समीकरण है। भाजपा खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्राह्मण मतदाताओं को सकारात्मक संदेश देने का अवसर नहीं निकाल पा रही। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री राजपूत बिरादरी से हैं तो प्रदेश अध्यक्ष जाट बिरादरी से। बिहार में विधानसभा और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी पार्टी ने कायस्थ और अति पिछड़ा वर्ग को दी है।
भाजपा संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50 % राज्य इकाइयों में संगठन चुनाव जरूरी है। चूंकि नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा है, ऐसे में आधे राज्यों में अगस्त में ही संगठन चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी।