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मुंबईः पांच घंटे बाद थमा छात्रों का प्रदर्शन, रेलवे में नौकरी की कर रहे थे मांग

Tue, 20 Mar 2018 12:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Tue, 20 Mar 2018 12:12 PM IST
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Job aspirants students stall Central train services in Mumbai demanding employment

नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर आज सुबह-सुबह मुंबई की लाइफलाइन यानी लोकल ट्रेन को कई छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रोक दिया था। सभी छात्र मुंबई के माटुंगा और छत्रपति शिवाजी टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि रेलवे उन्हें रोजगार दे। इस प्रदर्शन का प्रभाव माटुंगा से दादर जाने वाली रेल सेवाओं पर पड़ा था हालांकि अब रेल सेवा शुरू हो गई है। मगर छात्रों के प्रदर्शन की वजह से दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई थी। छात्रों की मांग थी कि रेल मंत्री उनसे बात करें और पीयूष गोयल से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब पुलिस कर्मियों ने छात्रों की भीड़ को रोकने की कोशिश की थी तो उन्होंने उनपर पत्थर फेंके।

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इन छात्रों का दावा था कि उन्होंने रेलवे भर्ती परीक्षा पास की है। इसलिए उन्हें नौकरी मिलनी चाहिए। बताया जा रहा था कि ये अप्रेंटिस स्टूडेंट सालों तक काम कर चुके हैं लेकिन इन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। सेंट्रल रेलवे ने बयान जारी कर कहा था कि रेलवे अप्रैंटिशिप में ट्रेनिंग का प्रावधान है और नौकरी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस मामले पर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेल में बहुत बड़े पैमाने पर भर्तियां होने वाली हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार भारतीय रेलवे ने एक भर्ती नीति बनाई है जोकि निष्पक्ष और पारदर्शी है।
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प्रदर्शन की वजह से रेलवे की सेवाएं लगातार बाधित हैं और अभी तक 30 ट्रेनों को रद्द किया गया है। बता दें कि मुंबई की लोकल ट्रेन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से कारजात और खापौली जाती है। इसके जरिए रोजाना 40 से 42 लाख लोग सफर करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि 20 फीसदी कोटा को हटा दिया जाए और उन्हें स्थायी नौकरी दी जाए। पुलिस छात्रों को हटाने की कोशिश कर रही है। यात्रियों के लिए बेस्ट की बसें चलाई जी रही हैं।
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इस मामले पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संदीप देशपांडे का कहना है कि जब तक पीयूष गोयल लिखित में आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक वहां से कोई छात्र नहीं हटेगा। प्रदर्शन के बीच चीफ पीआरओ सेंट्रल रेलवे ने कहा है कि प्रदर्शन के बीच माटुंगा-दादर ट्रैक पर मुश्किलें आ रही हैं, जिसे रेलवे पुलिस हैंडल कर रही है। 
 

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