फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand: Prohibitory Orders Imposed Around Government Buildings in Ranchi, Unauthorized Protests Banned

झारखंड: रांची में सरकारी भवनों के आसपास बिना अनुमति प्रदर्शन पर रोक, निषेधाज्ञा लागू; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

Sat, 24 Oct 2026 08:11 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 24 Oct 2026 08:11 PM IST
सार

रांची जिला प्रशासन ने लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, झारखंड मंत्रालय, विधानसभा और हाईकोर्ट समेत कई संवेदनशील परिसरों के आसपास निर्धारित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की है। अब इन इलाकों में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने पर कार्रवाई हो सकती है। लेकिन किन क्षेत्रों में लागू हैं ये पाबंदियां? प्रदर्शन करने से पहले अनुमति कैसे जरूरी होगी? नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन क्या कार्रवाई कर सकता है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Jharkhand: Prohibitory Orders Imposed Around Government Buildings in Ranchi, Unauthorized Protests Banned
मुख्यमंत्री आवास और झारखंड मंत्रालय के आसपास प्रदर्शन करना होगा मुश्किल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रांची में अब प्रमुख सरकारी भवनों और संवेदनशील परिसरों के आसपास बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करना या रैली निकालना आसान नहीं होगा। जिला प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के आसपास निर्धारित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में किसी भी तरह का प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने से पहले नियमानुसार अनुमति लेना जरूरी होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों और संगठनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


किन सरकारी भवनों के आसपास लागू की गई है निषेधाज्ञा?
जिला प्रशासन के आदेश के दायरे में रांची के कई प्रमुख सरकारी भवन और संवेदनशील परिसर शामिल हैं। इनमें लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस और झारखंड मंत्रालय प्रमुख हैं। इन स्थानों के आसपास के निर्धारित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। इसके अलावा एफएफपी और एचईसी भवन की तय सीमा के भीतर भी प्रशासनिक पाबंदियां लागू रहेंगी। इन सभी स्थानों को महत्वपूर्ण मानते हुए प्रशासन ने इनके आसपास सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
विज्ञापन


क्या विधानसभा और हाईकोर्ट के आसपास भी रहेगी रोक?
प्रशासन ने झारखंड विधानसभा और झारखंड उच्च न्यायालय के आसपास के चिह्नित क्षेत्रों को भी निषेधाज्ञा के दायरे में रखा है। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय के आसपास के निर्धारित क्षेत्र में भी ये आदेश प्रभावी रहेंगे। इसका मतलब है कि इन परिसरों के आसपास धरना देने, जुलूस निकालने या रैली आयोजित करने की योजना बनाने वाले लोगों को पहले लागू नियमों के अनुसार अनुमति लेनी होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निषेधाज्ञा के तहत शामिल प्रत्येक स्थान की सटीक दूरी और आदेश की समय-सीमा का उल्लेख नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदर्शन या रैली करने से पहले क्या करना होगा?
जिला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने से पहले संबंधित आयोजकों को अनुमति संबंधी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। यानी कोई व्यक्ति या संगठन केवल अपनी इच्छा से इन संवेदनशील इलाकों में कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकेगा। आयोजन से पहले लागू नियमों का पालन करना और जरूरी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के तहत प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा।

आदेश तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा और सुरक्षा संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ की जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी परिसरों के आसपास शांति बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को रोकना है। ऐसे में रांची में प्रदर्शन या रैली आयोजित करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे संबंधित क्षेत्र में लागू पाबंदियों की जानकारी लें और बिना अनुमति कोई कार्यक्रम आयोजित न करें।


क्या है प्रशासन के आदेश का आम लोगों पर असर?
इस आदेश का सीधा संबंध उन लोगों और संगठनों से है, जो प्रमुख सरकारी कार्यालयों या संवेदनशील परिसरों के आसपास धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करना चाहते हैं। उन्हें पहले अनुमति लेनी होगी और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आम लोगों की सामान्य आवाजाही पर किसी अलग प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। इसलिए आदेश को बिना अनुमति प्रदर्शन और रैली पर लागू पाबंदी के रूप में समझना जरूरी है। प्रशासन ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करने की अपील की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed