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Jharkhand: पूर्व सीएम सोरेन के ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका, 13 मई को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
Sun, 12 May 2024 01:49 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Sun, 12 May 2024 01:49 PM IST
सार
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धन शोधन घोटाले के मामले में ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर 13 मई को सुनवाई होगी।
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धन शोधन घोटाले के मामले में ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर 13 मई को सुनवाई होगी।
झारखंड पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लॉड्रिंग मामले के आरोप के बाद 31 जनवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने 10 मई को सोरेन की याचिका के लिए उच्च न्यायालय से निर्देश मांगे थे।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ ने सोरेन के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अरुणाभ चौधरी से कहा, "यह निरर्थक हो गया है।" वकील प्रज्ञा बघेल के माध्यम से दायर अपनी अपील में हेमंत सोरेन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका खारिज करके गलती की है।
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3 मई को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। बताा दें कि 31 जनवरी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन मुख्यमंत्री नामित किया गया।
सोरेन वर्तमान में रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। ईडी का आरोप है कि करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन के विशाल पार्सल हासिल करने के लिए जाली/फर्जी दस्तावेजों की आड़ में डमी विक्रेताओं और खरीदारों को दिखाकर सोरेन द्वारा आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर की गई है।
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झारखंड पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लॉड्रिंग मामले के आरोप के बाद 31 जनवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने 10 मई को सोरेन की याचिका के लिए उच्च न्यायालय से निर्देश मांगे थे।
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न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ ने सोरेन के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अरुणाभ चौधरी से कहा, "यह निरर्थक हो गया है।" वकील प्रज्ञा बघेल के माध्यम से दायर अपनी अपील में हेमंत सोरेन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका खारिज करके गलती की है।
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3 मई को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। बताा दें कि 31 जनवरी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन मुख्यमंत्री नामित किया गया।
सोरेन वर्तमान में रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। ईडी का आरोप है कि करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन के विशाल पार्सल हासिल करने के लिए जाली/फर्जी दस्तावेजों की आड़ में डमी विक्रेताओं और खरीदारों को दिखाकर सोरेन द्वारा आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर की गई है।