बेरहम नक्सली: मां के साथ तीन साल की मासूम को गोलियों से भूना, बदला लेने के लिए राह चलते दिया वारदात को अंजाम
अशोक अपनी पत्नी नीति कुजूर, नीत साल की बेटी अनन्या और पांच साल के बेटे अनुज के साथ बाइक पर जा रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में अशोक की पत्नी और मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई।
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झारखंड में एक बार फिर नक्सलियों द्वारा हत्या का मामला सामने आया है। यहां नक्सलियों ने मां और तीन साल की बेटी को सरेआम गोलियां से भून दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं लड़की का पिता जान बचाकर भागने में कामयाब रहा। जानकारी के मुताबिक, मामला उग्रवादी संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद से जुड़ा हुआ है। चैनपुर थाना के जनावल गांव के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार की रात उग्रवादियों ने जिस पर हमला किया वह भी जेजेएमपी का पूर्व कमांडर अमरजीत लकड़ा उर्फ अशोक है। नक्सलियों ने अशोक पर हमला इसलिए किया क्योंकि वह संगठन से भाग निकला था।
परिवार के साथ बाइक पर जा रहा था
पुलिस ने बताया कि अशोक अपनी पत्नी नीति कुजूर, नीत साल की बेटी अनन्या और पांच साल के बेटे अनुज के साथ बाइक पर जा रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में अशोक की पत्नी और मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अशोक भागने में कामयाब रहा। घटना में पांच साल का अनुज बाल-बाल बच गया और मां के शव से लिपट कर रोता रहा।
पुलिस ने घर से अशोक को पकड़ा
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद अशोक के घर की छानबीन की गई। इस दौरान अशोक घर पर ही मिला। उसके घर से एके-56 रायफल भी बरामद किया।
बदला लेने के लिए हुआ हमला
बीते साल, 2021 में अमरजीत ने जेजेएमपी के प्लाटून कमांडन सुकर उरांव की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह हथियार और पैसा लेकर भाग निकला। तब से जेजेएमपी के उग्रवादी उसे मारने की योजना बना रहे थे।
जेजेएमपी ने किया खंडन
जेजेएमपी के प्रवक्ता कर्मवीर ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि, इससे संगठन का कोई लेना देना नहीं है। उनके लोगों को बदनाम करने के लिए संगठन का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।