झारखंड भर्ती घोटाला : सीआईडी की पूछताछ में वित्तीय लेनदेन का खुलासा, ईडी जांच के घेरे में 150 लोग
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और घोटाला मामले में अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय गड़बड़ी के एंगल से पड़ताल कर रही ईडी की जांच का दायरा धांधली तक सीमित न रहकर बेनामी संपत्ति, कैश लेनदेन और बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार तक फैल गया है।
150 लोग ED की रडार पर
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में 150 लोग हैं। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व पदाधिकारी, सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। अमर उजाला से बातचीत में ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में जल्द ही कई ठिकानों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर कई टीमें बनाई गई हैं। लोगों के मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेज खंगाल कर यह पता लगाया जा रहा है कि किनका हाथ है।
झारखंड की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन, कुछ अहम बिंदु;
- विधानसभा घेराव के बाद अनशनकारी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- आंदोलन के प्रमुख चेहरों में एक हैं पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र।
- चिकित्सकों के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
- सोमवार को 10 घंटे बाद झारखंड विधानसभा के गेट से खदेड़े गए छात्र।
- देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से ले गई पुलिस।
- विधानसभा के गेट के सामने डटे छात्रों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया।
- कई छात्र-छात्राएं सड़क पर लेट गए और हटने से इनकार किया।
- सरकार पर आरोप- छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब कोई भी बात सीधे मुख्यमंत्री से ही होगी
आंदोलनकारी छात्रों के एक अन्य नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हमारा आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब यह जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी बात सीधे मुख्यमंत्री से ही होगी और वे जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग नहीं मानते, आंदोलन जारी रहेगा।
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना दे रहे छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। झारखंड छात्र न्याय बैनर के छात्रों ने विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की।
क्या है झारखंड के छात्र आंदोलन का पूरा मामला?
बीते करीब दो महीने से युवाओं का आंदोलन लगातार चर्चा में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी के हजारों अभ्यर्थी करीब तीन हफ्ते से आक्रोशित हैं। इस मामले में भाजपा बनाम कांग्रेस वाली राजनीति भी शुरू हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से तीखे सवाल किए हैं। आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन सरकार के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग का समर्थन किया है।