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जेट एयरवेज की घटना से लें सबक, ऊंचाई पर ऑक्सीजन से होने वाली इमरजेंसी लैंडिंग समझिए

Thu, 20 Sep 2018 06:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 20 Sep 2018 06:29 PM IST
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Jet Airways Case: Know What is Cabin Pressure and its importance in Flight

जेट एयरवेज में हुई एक दुर्घटना ने सभी को हिला दिया है। उड़ान भरते समय चालक दल के सदस्य ‘ब्लीड स्वीच’ सेलेक्ट करना क्या भूले, सभी यात्रियों की जान पर बात बन आई। जिसकी वजह से केबिन प्रेशर सामान्य नहीं रखा जा सका। इस वजह से ऑक्सीजन मॉस्क नीचे आ गये। मुंबई एयरपोर्ट से विमान ने सुबह 7.24 मिनट पर उड़ान भरी थी और 20 मिनट बाद ही इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मुड़ गया। लेकिन इस घटना से कई सबक लेने की जरूरत है। कुछ ऐसी बातें जाननी आपके लिए बेहद जरूरी है जो हवाई सफर करते समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। 

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पहली बात तो ये जान लीजिए कि ऊंचाई बढ़ने (हवाई सफर) के साथ दबाव कम होता जाता है, जिससे सांस लेने में समस्या होती है। इसीलिए ऑक्सीजन मास्क जरूरी है। याद रखें जितनी ऑक्सीजन की मात्रा समुद्र के स्तर पर होती है उतनी ही आक्सीजन ऊंचाई पर भी मौजूद होती है। यही वजह है कि पायलट इस समस्या से बचने के लिए फ्लाइट में केबिन प्रेशर मेंटेन करता है। लैंडिंग के दौरान इसी प्रेशर को धीरे-धीरे कम करना होता है। अब आप समझ सकते हैं कि इमरजेंसी लैंडिंग में पायलट के लिए केबिन प्रेशर पर काम करना कितना महत्वपूर्ण है। 
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अब समझ लीजिए कि फ्लाइट में केबिन प्रेशर कैसे मेंटेन किया जाता है। एक रिपोर्ट में केबिन प्रेशर मेंटेन करने की प्रक्रिया के बारे में हमे जानकारी मिली कि फ्लाइट के इंजन गर्म और हाई प्रेशराइज्ड हवा जिसे ब्लीड एयर भी कहा जाता है, उसे कई स्टेप के बाद ठंडा कर केबिन में मौजूद हवा में मिक्स किया जाता है। इसे आउटफ्लो वॉल्व के माध्यम से केबिन में छोड़ा जाता है। प्रेशर सेंसर केबिन में हवा के लेवल को मेंटेन करता है। इस प्रक्रिया के बाद ही 30 हजार फीट की ऊंचाई पर यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत नहीं होती है। ऐसा करने से यात्रियों को जमीन जैसा ही हवा का दबाव महसूस होता है।
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केबिन प्रेशर जरूरत के अनुसार न होने से यात्रियों को हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) की समस्या हो सकती है। जोकि घातक हो सकती है। केबिन प्रेशर कम होने के कारण ब्लड के फ्लो में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ सकती है जोकि जोड़ों में दर्द, लकवा, यहां तक की मौत का कारण भी बन सकती है।
 

Jet Airways Case: Know What is Cabin Pressure and its importance in Flight

घटना से लें सबक

आज जो घटना हुई इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ललित गुप्ता ने बताया कि क्रू मेंबर केबिन के प्रेशर को बनाए रखने वाले बटन (ब्लीड बटन) को दबाना भूल गया था। जिसकी वजह से यात्रियों को खून निकलने और सिर दर्द की समस्या हुई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि उड़ान भरते समय चालक दल के सदस्य 'ब्लीड स्वीच सेलेक्ट करना भूल गये, जिसकी वजह से केबिन प्रेशर सामान्य नहीं रखा जा सका। इस वजह से ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गये।

जेट एयरवेज के प्रवक्ता ने बताया कि फ्लाइट के कॉकपिट क्रू को ड्यूटी से हटा दिया गया है और जांच जारी है। इस विमान में सवार सभी यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की जा रही है। विमान में सवार यात्री ने बताया कि जैसे ही विमान ने टेक ऑफ किया एसी ने काम करना बंद कर दिया। उसके बाद एयर प्रेशर सिस्टम भी बंद हो गया और ऑक्सीजन मास्क बाहर आ गए। कुछ यात्रियों के नाक-कान से खून बहने लगा। कुछ यात्रियों को सिरदर्द की शिकायत भी हुई। 

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