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Maharashtra: हेडगेवार स्मारक की रेकी के आरोपी को जमानत नहीं, जैश और पाकिस्तानी लिंक के चलते हाईकोर्ट का फैसला

Fri, 21 Mar 2025 08:58 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 21 Mar 2025 08:58 PM IST
सार

रईस अहमद शेख असदुल्ला शेख को 15 सितंबर, 2021 को नागपुर के रेशिमबाग इलाके में स्थित आरएसएस के संस्थापक डॉ केबी हेडगेवार के स्मारक (डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर) की रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि शेख ने टोह लेने के बाद पाकिस्तान में अपने हैंडलर को जानकारी दी। शेख वर्तमान में नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद है।
 

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JeM man held for Hedgewar memorial recce denied bail; High Court cites preparatory act to disturb peace
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी होने और नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संस्थापक के स्मारक की रेकी करने के आरोपी व्यक्ति को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत याचिका देने से इनकार कर दिया। आरोपी जम्मू-कश्मीर का निवासी है।

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याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि कि आरोपी रईस अहमद शेख असदुल्ला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ओवरग्राउंड वर्कर था, इतना ही नहीं वह आतंकी संगठन को रसद सहायता प्रदान कर रहा था।  
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न्यायमूर्ति नितिन सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की खंडपीठ ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों के संपर्क में था, जो पाकिस्तान से काम कर रहे थे। उसके खिलाफ मिले सबूत ऐसे हैं जिनसे पता चलता है कि शेख किसी ऐसे काम को अंजाम देने की तैयारी में था, जो भारत की एकता, अखंडता, शांति और सौहार्द को भंग कर सकता था।
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रईस अहमद शेख असदुल्ला शेख को 15 सितंबर, 2021 को नागपुर के रेशिमबाग इलाके में स्थित आरएसएस के संस्थापक डॉ केबी हेडगेवार के स्मारक (डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर) की रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि शेख ने टोह लेने के बाद पाकिस्तान में अपने हैंडलर को जानकारी दी। शेख वर्तमान में नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद है।


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इस मामले में निचली अदालत के जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद शेख ने 11 मार्च को उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ का रुख किया था। अधिवक्ता निहालसिंह राठौड़ के माध्यम से दायर जमानत याचिका में शेख ने दावा किया था कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उसने किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने के लिए इन स्थानों की रेकी की थी। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान उसके वकील ने अदालत में दलील दी थी कि शेख का कृत्य, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के दायरे में नहीं आता। वहीं, सरकारी वकील देवेंद्र चौहान ने अदालत को बताया था कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सामग्री है कि आरोपी शेख प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। शेख ने कथित तौर पर शहर के महल इलाके में स्थित आरएसएस मुख्यालय की टोह लेने की भी साजिश रची थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। 

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