कंटेनमेंट जोन के छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा, नई एसओपी जारी, जानें क्या करें और क्या नहीं
- बिना लक्षण वाले छात्रों को एकांत कमरे में देनी होगी परीक्षा
- गर्भवती और बीमार शिक्षकों की नहीं लगाई जाएगी ड्यूटी
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कोविड-19 संक्रमण के बीच प्रवेश परीक्षा और वार्षिक परीक्षा करवाने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इसके तहत कंटेनमेंट जोन के छात्रों और कर्मचारियों को परीक्षा केंद्र जाने की इजाजत नहीं होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नई एसओपी के तहत केवल बिना लक्षण वाले छात्रों को अनुमति मिलेगी। छात्रों, शिक्षकों को कोरोना मुक्त होने का स्वयं सत्यापित प्रमाणपत्र देना होगा। परीक्षा केंद्र में जांच के दौरान बिना लक्षण वाला कोई छात्र कोरोना संक्रमित मिलता है, तो उसे आइसोलेशन रूम में परीक्षा देनी होगी।
वहीं, कोरोना पॉजिटिव छात्र की तबीयत ठीक होने पर नई तिथि पर उसकी परीक्षा होगी। गर्भवती महिला और बीमार शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जेईई, नीट, सीबीएसई, कॉलेजों के अंतिम वर्ष की परीक्षा समेत दस से ज्यादा प्रवेश परीक्षाओं के मद्देनजर नई एसओपी जारी की है।
सभी संस्थानों, विश्वविद्यालयों को नई एसओपी का पालन करना होगा। छह फीट की दूरी के आधार पर बैठने की व्यवस्था होगी। तीन परत वाला मास्क पहनना और हाथ धुलवाने के बाद एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से हाथ धोना होगा। सभी के पास आरोग्य सेतु एप होना चाहिए। संस्थान के गेट से क्लास तक छह फीट की दूरी वाला गोल घेरा का नियम तो पहले से ही लागू है।
नई मानक संचालन प्रक्रिया
- कंटेनमेंट जोन से बाहर ही बनेंगे परीक्षा केंद्र। कंटेनमेंट जोन के छात्र और शिक्षक परीक्षा में भाग नहीं ले सकते। ऐसे छात्रों की परीक्षा बाद में ली जाएगी।
- परीक्षा आयोजक संस्था को भीड़ कम करने के लिए ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाना होगा।
- हर कमरे का सीटिंग प्लान बनाने के बाद परीक्षा नियंत्रक सामाजिक दूरी के नियम की जांच करेंगे।
- ऑनलाइन परीक्षा के बाद कंप्यूटर, माउस, की-बोर्ड, डेस्क को सैनिटाइज करना जरूरी होगा।
- छात्र घर से पानी की बोतल ला सकते हैं। केंद्र पर भी पेयजल की व्यवस्था करनी होगी। डिस्पोजेबल गिलास रखना होगा।
- छात्रों को बस से लाने-ले जाने से पहले उसे सैनिटाइज करना पड़ेगा।
- कोरोना से एहतियात बरतने के लिए संस्थानों में पोस्टर लगाना होगा।
लक्षण मिलने पर जाना होगा अस्पताल
परीक्षा केंद्र में यदि किसी छात्र में सर्दी, जुकाम, बुखार या अन्य लक्षण मिलते हैं, तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सुविधा देनी होगी। उस छात्र की कोविड-19 जांच करवायी जाएगी। उसकी परीक्षा नई डेटशीट के आधार पर बाद में ली जाएगी।
एसी 24 से 30 डिग्री पर चलेगा
परीक्षा केंद्र पर हर कमरे में ताजी हवा के लिए खिड़की खुली रहनी चाहिए। यदि एसी है तो सभी कमरे का का तापमान 24 से 30 डिग्री होगा। इसके अलावा नमी 40 से 70 फीसदी तक हो सकती है।
आंसर शीट 72 घंटे तक नहीं खुलेगी
परीक्षा समाप्त होने के बाद आंसर शीट को पैक करके सैनिटाइज किया जाएगा। उसे 72 घंटे तक नहीं खोली जाएगी। इस दौरान उन पैकेट को हाथ नहीं लगाया जाएगा। वहीं, प्रश्न पत्र बांटने से पहले परीक्षक को अपने हाथ धोकर सैनिटाइज करने होंगे। दस्ताने और मास्क पहनने के बाद ही वे प्रश्नपत्र बांट सकते हैं।