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लोकसभा में जेडीयू ने किया तीन तलाक बिल का विरोध, कहा- कानून का होगा दुरुपयोग
Thu, 25 Jul 2019 05:30 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 25 Jul 2019 05:30 PM IST
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जेडीयू सांसद ललन सिंह
- फोटो : ANI
एनडीए में शामिल जेडीयू ने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी तीन तलाक पर रोक संबंधी विधेयक का विरोध करते हुए गुरुवार को कहा कि किसी समुदाय विशेष से जुड़े विषय पर कानून बनाने की नहीं बल्कि जन जागरण की जरूरत है।
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लोकसभा में ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019’ पर चर्चा में भाग लेते हुए जेडीयू के राजीव रंजन सिंह ने यह भी कहा कि समाज सिर्फ कानून से नहीं चलता, रीति-रिवाज और परंपराओं से भी चलता है।
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सिंह के भाषण के बाद जेडीयू सदस्यों ने विधेयक पर विरोध जताते हुए सदन से वाकआउट किया। जेडीयू सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी 1996 से एनडीए में है और आज भी गठबंधन में है। जेडीयू बीच में कुछ साल गठबंधन से अलग रही।
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उन्होंने कहा कि शुरूआत से ही हमारी पार्टी का स्पष्ट मत था कि विवादास्पद मुद्दों पर भाजपा का साथ नहीं देगी। सिंह ने कहा कि जिस तरह हमारी पार्टी अनुच्छेद 370 पर सरकार का विरोध करते आ रही है इसी तरह तीन तलाक के मुद्दे पर भी हमारी पार्टी सरकार का साथ नहीं देगी।
जेडीयू सांसद ने कहा कि पति-पत्नी के संबंधों को कानून बनाकर तय नहीं किया जा सकता। अगर कानून से किसी प्रथा को रोकने का प्रयास किया जाएगा तो एक समुदाय में अविश्वास पैदा होगा। सरकार को कानून बनाने के बजाए उस समुदाय को इस संबंध में प्रयास करने देने चाहिए और जन जागृति करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को हड़बड़ी में कानून बनाने की जरूरत नहीं है। ऐसा काम मत कीजिए। ऐसे कानून का दुरुपयोग होगा जैसा कि दहेज प्रथा को रोकने के लिए बनाये गए कानून का होता है।
सिंह ने यह भी कहा कि सरकार को जनादेश मिला है तो उसके पास करने के लिए बहुत सारे काम हैं । इस तरह के विधेयक चुनाव से पहले लाए जा सकते हैं। अभी इनकी क्या जरूरत है।