गुरुओं के आशीर्वाद से सरकार की छवि सुधारेंगे जावड़ेकर
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद प्रकाश जावड़ेकर पीएम मोदी के एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुट गए हैं। जावड़ेकर ने विश्वविद्यालय और छात्रों के साथ सरकार के रिश्तों को सुगम बनाने और वर्तमान संसाधनों के जरिये शिक्षा के अवसर को बढ़ाने को अपना लक्ष्य बनाया है। इसको ध्यान में रखते हुए ही मंत्री के कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि गुरुओं के आशीर्वाद से जावड़ेकर विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच सरकार की छवि सुधारेंगे। रविवार को वह पुणे के प्रसिद्ध फर्गुसन कॉलेज जाकर अपने गुरुओं का आभार प्रकट करेंगे। उनसे आशीर्वाद लेकर वे अन्य विश्वविद्यालयों में भी शैक्षिक जगत के लोगों और छात्रों से सीधा संवाद कायम करेंगे।
दरअसल मोदी सरकार के खिलाफ छात्रों में असंतोष की शुरुआत पुणे से ही हुई थी। पुणे स्थित फिल्म एवं टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के अध्यक्ष पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति का छात्रों ने कड़ा विरोध किया।
बल्कि उस आंदोलन की आंच दिल्ली तक पहुंच गई थी। उसके बाद मानव संसाधन विभाग की पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी के आक्रामक रवैये से शिक्षा जगत के तमाम लोग नाराज होने लगे। इससे सरकार की छवि धूमिल होने लगी थी। एफटीआईआई के बाद रोहित वेमुला मामले और जेएनयू विवाद से छात्रों में मोदी सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ गया था। स्मृति दोनों ही मामलों को सही ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाई थीं।
काम में जुटे जावड़ेकर
अब नए मंत्री प्रकाश जावड़ेकर अपनी मुहिम में तेजी से जुट गए हैं। शनिवार को वे एर्नाकुलम पहुंचकर वहां के केंद्रीय विद्यालय के छात्रों से संवाद करेंगे। उसी दिन शाम को मुंबई के दादर स्थित रात्रि स्कूल का जायजा लेंगे।
अगर रात्रि स्कूल का यह मॉडल उन्हें जंच गया तो वे इसे देश के अन्य हिस्सों में गरीब वर्ग के लिए अपना सकते हैं। रविवार को फर्गुसन विश्वविद्यालय में उनके सम्मान का कार्यक्रम है। जावड़ेकर ने अपनी उच्च शिक्षा यहीं से पूरी की थी।