जाटों ने की महापंचायत, समझौते के बाद धरने से उठे जाट
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आरक्षण आंदोलन में उपद्रव के बाद जाट युवाओं की गिरफ्तारी के विरोध में लघु सचिवालय के बाहर चल रहा धरना बुधवार को जिला प्रशासन से समझौते के बाद खत्म हो गया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने उपायुक्त और एसपी से एक घंटे चली बैठक के बाद यह एलान किया।
जाट नेताओं ने कहा कि गिरफ्तार जाट युवाओं की जमानत के लिए अर्जी लगाई जाएगी। हालांकि बुधवार को जाट न्याय रैली में अपेक्षा से कम भीड़ जुटने पर आयोजकों की परेशानी भी साफ दिखी।
यशपाल मलिक ने जाट न्याय रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस पूरी कार्रवाई के बाद ही गिरफ्तारी जैसा कदम उठाएगी। मलिक ने 10 मई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित रैली में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान भी किया।
मलिक ने कहा कि सीएम खट्टर तो शरीफ आदमी हैं लेकिन उनके आसपास के लोग धोखेबाज हैं। अनिल विज और सांसद सैनी की बयानबाजी का जिक्र करते हुए मलिक ने चेतावनी दी कि जाट इसका बदला वोट से लेंगे।
उन्होंने कहा कि सैनी हमेशा जाटों को आरक्षण का विरोध करते हैं लेकिन उन्होंने कभी अपनी बिरादरी को ऊंचा उठाने की बात नहीं की। उन्होंने जाटों की कमजोर स्थिति के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व वीपी सिंह को जिम्मेदार ठहराया। जाट आरक्षण के लिए संघर्ष करते 10 साल हो गए हैं, 20-30 साल और संघर्ष करना पड़ा तो कौम का एक भी बाशिंदा पीछे नहीं हटेगा।
वीडियोग्राफी पर हुई बहस
फतेहाबाद पुलिस ने धरनास्थल के चारों ओर कड़े सुरक्षा प्रबंध कर रखे थे। पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनी भी अलसुबह ही फतेहाबाद पहुंच गई थी। प्रशासन ने शहर में आने वाले रास्तों पर नाके लगा रखे थे। यहां आने वाले वाहनों की जांच पड़ताल और वीडियोग्राफी के बाद ही एंट्री मिली। गाड़ियों की वीडियोग्राफी को लेकर जाट समुदाय के लोगों और पुलिस में कई बार बहस भी हुई।
''जाट नेताओं की मांग थी कि कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे गए जाट युवकों को डिस्चार्ज करवाया जाए। ये हमारे लिए संभव नहीं है। उन्हें इस बारे में वकीलों से चर्चा करने को कहा गया है। पुलिस किसी निर्दोष पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी।'' - ओपी नरवाल, एसपी, फतेहाबाद
''जाट युवकों को बाहर लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया जाएगा। पुलिस कप्तान ने भरोसा दिया है कि पूरी जांच के बाद ही गिरफ्तारी जैसा कदम उठाया जाएगा।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति । ''