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Hindi News ›   India News ›   Japan PM Kishida likely to unveil Indo Pacific Plan for Peace during visit to India

Fumio Kishida India Visit: जापानी PM का 20 मार्च से भारत दौरा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर व्यापक चर्चा की संभावना

Sat, 18 Mar 2023 10:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 18 Mar 2023 10:41 PM IST
सार

किशिदा रक्षा और सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश तथा उच्च प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने के उद्देश्य से करीब 27 घंटे की यात्रा पर सोमवार सुबह नई दिल्ली पहुंचेंगे।

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Japan PM Kishida likely to unveil Indo Pacific Plan for Peace during visit to India
Japanese Prime Minister Fumio Kishida meets PM Narendra Modi in Delhi - फोटो : ANI (File)

विस्तार

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा सोमवार को अपने नई दिल्ली दौरे के दौरान क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर फोकस कर सकते हैं। जापानी प्रधानमंत्री मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपने प्लान का खुलासा कर सकते हैं। चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता के चलते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और किशिदा के बीच व्यापक वार्ता में चर्चा होने की संभावना है।

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किशिदा रक्षा और सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश तथा उच्च प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने के उद्देश्य से करीब 27 घंटे की यात्रा पर सोमवार सुबह नई दिल्ली पहुंचेंगे। मोदी और किशिदा भारत की अध्यक्षता में जी-20 और जापान की अध्यक्षता में जी-7 की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा करेंगे। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि जापान के प्रधानमंत्री सुषमा स्वराज भवन में भी जाएंगे। यहां वह विश्व मामलों की भारतीय परिषद द्वारा आयोजित एक व्याखान के दौरान 'शांति के लिए मुक्त और खुली हिंद-प्रशांत योजना' का खुलासा कर सकते हैं। 

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पिछले साल जून में सिंगापुर में प्रतिष्ठित शांगरी-ला वार्ता को संबोधित करते हुए किशिदा ने कहा था कि वह अगले वसंत में हिंद-प्रशांत के लिए योजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा था, मैं अगले वसंत तक 'शांति के लिए मुक्त और खुली हिंद-प्रशांत योजना' तैयार करूंगा, जो गश्ती जहाजों और समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, डिजिटल और हरित पहल और आर्थिक सुरक्षा पर जोर देने के साथ-साथ एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के जापान के प्रयासों को मजबूत करेगा। 
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यह भी पढ़ें: जापान-दक्षिण कोरिया ने इतिहास को भुलाकर सुरक्षा संबंध सुधारने पर हुए सहमत, कई मुद्दों पर की चर्चा


इस योजना से हिंद-प्रशांत के प्रति जापान की नीति और दृष्टिकोण का विवरण मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में लगभग सभी प्रमुख शक्तियां हिंद-प्रशांत के लिए अपनी रणनीतियों के साथ सामने आई हैं। जापान, क्षेत्र में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने के उद्देश्य से एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत पर जोर दे रहा है। वह पूर्वी चीन सागर, दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में चीन के आक्रामक सैन्य रुख को लेकर भी चिंतित है। जापान चार देशों के गठबंधन क्वाड का भी सदस्य है जो हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने पर फोकस कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका क्वाड के अन्य सदस्य हैं।

पिछले साल मई में टोक्यो में क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (आईपीईएफ) लॉन्च किया था, जो स्वच्छ ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में समान विचारधारा वाले देशों के बीच गहरे सहयोग के उद्देश्य से एक पहल है। शिखर सम्मेलन में क्वाड नेताओं ने इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस इनिशिएटिव (आईपीएमडीए) भी लॉन्च किया था। आईपीएमडीए का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत की पृष्ठभूमि में क्षेत्रीय जल क्षेत्र की निगरानी करना है।

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