जम्मू-कश्मीर : तालिबान के कब्जे के बाद हिंसा और घुसपैठ रोकने की दिल्ली में बनी रणनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की उच्च स्तरीय समीक्षा की। दिल्ली में हुई इस बैठक में केंद्र व राज्य सरकार व सेना के शीर्ष के अधिकारी मौजूद थे।
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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तान की मदद से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और उपद्रव की आशंकाओं को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वीरवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के सुरक्षा हालात पर मंथन किया। सीमापार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा पाकिस्तान के समर्थन से घुसपैठ की आशंकाओं के मद्देनजर रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री विकास पैकेज के विकास कार्यों, अनुच्छेद 370 हटने के बाद से चल रहे विकास कार्यों और जनता तक पहुंच बनाने की कोशिशों की भी समीक्षा भी की गई। तालिबान में अंतरिम सरकार के गठन के दो दिन के बाद गृह मंत्रालय ने केंद्र व राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की तालिबान की साठगांठ का जम्मू-कश्मीर पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पिछले सप्ताह तालिबान प्रवक्ता की ओर से कश्मीर समेत पूरे देश के मुस्लिमों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने के दिए गए बयान के मद्देनजर उत्पन्न स्थितियों पर भी विचार किया गया। साथ ही हक्कानी नेटवर्क प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी के मंत्री बनाए जाने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। हक्कानी काबुल दूतावास समेत कई प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए जिम्मेदार है। इन दोनों मुद्दों पर विचार करते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा सोशल मीडिया से कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार पर खास नजर रखने को कहा गया। सूत्रों के अनुसार बैठक में इस इनपुट पर भी विचार किया गया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-ताइबा ने अपने ठिकाने अफगानिस्तान में शिफ्ट कर लिए हैं। यह दोनों संगठन जम्मू-कश्मीर में कई हमलों के लिए जिम्मेदार हैं।
प्रशिक्षित आतंकियों की घुसपैठ रोकने का खाका हुआ तैयार
बैठक में बर्फबारी शुरू होने से पहले बड़े पैमाने पर घुसपैठ की लगातार आ रही खुफिया जानकारी पर विचार विमर्श करते हुए इसे हर हाल में नाकाम बनाने की हिदायत दी गई। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान तालिबान के विभिन्न गुटों के साथ कश्मीर में बड़े उपद्रव की तैयारी में है। बैठक में प्रशिक्षित आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों की व्यवस्था को और पुख्ता करने का खाका तैयार किया गया। इसके साथ ही ड्रोन हमले को रोकने के लिए एलओसी व आईबी पर उपाय करने की भी रणनीति बनी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, रॉ प्रमुख सुमित कुमार गोयल, आईबी निदेशक अरविंद कुमार, गृहसचिव अजय भल्ला और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, डीजीपी दिलबाग सिंह, सीआईडी प्रमुख आरआर स्वैन भी मौजूद रहे।
घाटी में आतंकियों के सफाए से पाकिस्तान तिलमिलाया
सूत्रों ने बताया कि अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी की मौत के बाद आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान अलगाववादी ताकतों को उकसा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा घाटी में आतंकियों के सफाए के बाद से पाकिस्तान कई मोर्चों पर काम कर रहा है। ऐसी रिपोर्ट है कि घाटी में पाक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा इस साजिश में सक्रिय हैं
अलगाववादियों पर पैनी नजर रखने की हिदायत
बैठक में पाकिस्तान परस्त कट्टरपंथी अलगाववादी सैय्यद अली शाह गिलानी के निधन तथा मसरत आलम को हुर्रियत का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उत्पन्न राजनीतिक तथा सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा हुई। हिदायत दी गई कि किसी भी हालत में अलगाववादी विचारधारा तथा पाकिस्तान प्रेम को बर्दाश्त नहीं किया जाए। इसके लिए अलगाववादी धड़े से जुड़े लोगों तथा उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया।
उप राज्यपाल सिन्हा मिले प्रधानमंत्री से, विकास कार्यों की दी जानकारी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के कार्यों के साथ ही जनता के कल्याण के लिए शुरू किए गए कार्यक्रमों में बताया। कश्मीरी पंडितों की जमीन से कब्जे हटाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त होने वाले शिकायतों व इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी दी। औद्योगिक विकास तथा पर्यटन के विकास के लिए फिल्म नीति व अन्य मुद्दों पर सरकार के प्रयास की उन्हें जानकारी दी। इसके साथ ही प्रदेश के सुरक्षा हालात, एलओसी व आईबी पर सुरक्षा स्थिति तथा आतंकवाद के मोर्चे पर सुरक्षा बलों के प्रयासों से भी अवगत कराया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने प्रदेश सरकार के जनपहुंच कार्यक्रमों से भी अवगत कराते हुए कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।