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जामिया हिंसा: केंद्र के खिलाफ विपक्ष एकजुट, आजाद बोले- दिल्ली पुलिस कैंपस में कैसे घुसी
Mon, 16 Dec 2019 03:01 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 16 Dec 2019 03:01 PM IST
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गुलाम नबी आजाद
- फोटो : ANI
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नागरिकता संशोधन कानून और इसके विरोध में हो रही हिंसा को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट हो गया है। जामिया यूनिवर्सिटी सहित कई जगहों पर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच इसे लेकर आज कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
दिल्ली के कॉन्स्टीटूशन क्लब में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिंसा को लेकर कांग्रेस पर लगे आरोप गलत हैं, कांग्रेस हिंसा नहीं करवा रही है। पूरे देश में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, देश में कई जगह इंटरनेट बंद है।
उन्होंने कहा कि जामिया में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जामिया यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों को पीटा गया। छात्रों कार्रवाई पूरी तरह गलत है। आजाद ने कहा कि वाइस चांसलर की इजाजत के बिना पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश नहीं कर सकती। अगर इजाजत नहीं मिली थी तो केंद्र सरकार के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने कैंपस में कैसे प्रवेश किया?हम इसकी भर्त्सना करते हैं। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
19 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन
वहीं, सीपीआई के डी राजा ने कहा, हमने इस मुद्दे पर 19 दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। हमें उम्मीद है कि ये एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। हम सभी सेकुलर और लोकतांत्रिक दलों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।
जामिया मिलिया में संग्राम
बता दें कि नागरिकता बिल पास होने और इसके कानून का रूप ले लेने के बाद से ही देश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला असम से शुरू हुआ और फिर देश के दूसरे हिस्सा में फैल गया। रविवार को दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में छात्रों ने प्रदर्शन किया और इस दौरान व्यापक हिंसा भी हुई, बसों को जलाया गया।
दिल्ली पुलिस ने कैंपस में प्रवेश करते हुए छात्रों पर कार्रवाई की और करीब पचास छात्रों के हिरासत में लिया। इस दौरान कई छात्रों को चोट भी आई। छात्रों और शिक्षक संघ का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए। वाइस चांसलर का कहना है कि इस मामले में पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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दिल्ली के कॉन्स्टीटूशन क्लब में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिंसा को लेकर कांग्रेस पर लगे आरोप गलत हैं, कांग्रेस हिंसा नहीं करवा रही है। पूरे देश में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, देश में कई जगह इंटरनेट बंद है।
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Ghulam Nabi Azad,Congress on Jamia Millia Islamia: Police can't enter into university premises without permission of Vice Chancellor. If they weren't permitted,how did Police, which comes under Central govt,enter into the campus? We condemn it. There should be a judicial inquiry. pic.twitter.com/CMe1Jehszr
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 16, 2019
उन्होंने कहा कि जामिया में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जामिया यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों को पीटा गया। छात्रों कार्रवाई पूरी तरह गलत है। आजाद ने कहा कि वाइस चांसलर की इजाजत के बिना पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश नहीं कर सकती। अगर इजाजत नहीं मिली थी तो केंद्र सरकार के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने कैंपस में कैसे प्रवेश किया?हम इसकी भर्त्सना करते हैं। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
19 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन
वहीं, सीपीआई के डी राजा ने कहा, हमने इस मुद्दे पर 19 दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। हमें उम्मीद है कि ये एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। हम सभी सेकुलर और लोकतांत्रिक दलों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।
जामिया मिलिया में संग्राम
बता दें कि नागरिकता बिल पास होने और इसके कानून का रूप ले लेने के बाद से ही देश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला असम से शुरू हुआ और फिर देश के दूसरे हिस्सा में फैल गया। रविवार को दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में छात्रों ने प्रदर्शन किया और इस दौरान व्यापक हिंसा भी हुई, बसों को जलाया गया।
दिल्ली पुलिस ने कैंपस में प्रवेश करते हुए छात्रों पर कार्रवाई की और करीब पचास छात्रों के हिरासत में लिया। इस दौरान कई छात्रों को चोट भी आई। छात्रों और शिक्षक संघ का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए। वाइस चांसलर का कहना है कि इस मामले में पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।