फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar used 'aapke muh mein ghee-shakkar' while responding to a question on the globalization of the India

Video: ‘आपके मुंह में घी-शक्कर’, आखिर स्वीडन में क्यों बोले जयशंकर

Wed, 17 May 2023 11:08 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 17 May 2023 11:08 AM IST
सार

एस जयशंकर की स्वीडन यात्रा विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और स्वीडन राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं।

विज्ञापन
Jaishankar used 'aapke muh mein ghee-shakkar' while responding to a question on the globalization of the India
एस जयशंकर - फोटो : Twitter

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी विदेश नीति और बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं। आजकल वह स्वीडन की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं। इस बीच, उन्होंने यहां भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। इस दौरान ‘भारतीय संस्कृति के वैश्वीकरण’ पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि आपके मुंह में घी-शक्कर, जिसके बाद सभी ठहाका लगाकर हंसने लगे। जयशंकर यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत मंत्रालय मंच की बैठक में भाग लेने के लिए स्वीडन की यात्रा पर आए हुए हैं।

विज्ञापन

एस जयशंकर की स्वीडन यात्रा विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और स्वीडन राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं। स्वीडन वर्तमान में यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता करता है। रविवार शाम को उन्होंने स्वीडन में मौजूद लोगों से भारत में चल रही विकास गतिविधियों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए पैदा किए गए अवसरों के बारे में बात की।

विज्ञापन

 

 

क्या पानी पूरी खाना शुरू कर देंगे
जयशंकर से पूछा गया कि वैश्वीकरण के इस युग में, क्या पश्चिम हैमबर्गर के बजाय लोग 'पानी पूरी' खाना शुरू कर देंगे और क्या एच एंड एम टी-शर्ट पर न्यूयॉर्क के बजाय नई दिल्ली छपी होगी? इस प्रश्न का उन्होंने बड़े ही अलग अंदाज में उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि आपमें से कितने लोग हिंदी समझते हैं। लेकिन आप जानते हैं कि हिंदी का एक मुहावरा है, आपके मुंह में घी-शक्कर (आप जो कह रहे हैं, आशा है कि यह सच हो)। उनके इस उत्तर से वहां बैठे सभी लोगों ने तालियां बजाई और ठहाके लगाकर हंसने लगे।



भारतीय संस्कृति का हो रहा वैश्वीकरण

जयशंकर ने कहा कि मैं वास्तव में भारतीय संस्कृति का वैश्वीकरण होते देख सकता हूं। हालांकि यह कई कारकों पर हो रहा है। पहला- यह भारतीय समुदाय के प्रसार की वजह है। दूसरी वजह हम खुद हैं। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के वैश्वीकरण को और अधिक सार्वभौमिक बनाने के तरीकों को खोजने का प्रयास करना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया योग

जयशंकर यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत मंत्रिस्तरीय मंच (ईआईपीएमएफ) में शामिल होने के लिए स्वीडन के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। भारतीय संस्कृति के प्रसार पर उन्होंने योग दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वास्तव में वह पहल है, जिसे दुनिया ने भी अपनाया है। साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस मनाने की शुरुआत की। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed