Jaishankar: खालिस्तान समर्थकों के दुस्साहस पर जयशंकर की दो टूक; राहुल मामले में पश्चिमी देशों को दी यह हिदायत
विदेश मंत्री जयशंकर ने पश्चिमी देशों की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम को लगता है कि उसे दूसरे देशों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार है। विदेश मंत्री ने ऐसा तब कहा, जब उनसे संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अयोग्यता पर जर्मनी और अमेरिका की टिप्पणी के बारे में पूछा गया।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकार ने कर्नाटक में एक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने विदेशों में कई जगह खालिस्तान समर्थकों के प्रदर्शन पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत यूएनएससी के लिए कोई प्रयास नहीं छोड़ेंगा।
जयशंकर ने कहा कि यूएनएससी में बैठे कुछ वर्तमान सदस्य इस बात के इच्छुक नहीं हैं कि भारत भी यूएनएससी का सदस्य होना चाहिए। कब तक दरवाजा बंद रखा जाएगा, हम दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं। हम दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था हैं। हम दुनिया में काफी बड़ा भाग साझा करते हैं। हमारे अस्तित्व से सभी को फर्क पड़ता है। यह कुछ ऐसा है, जिसे पाने के लिए हम कोशिश करते रहेंगे।
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उन्होंने खालिस्तानी समर्थकों के दुस्साहस को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हमने पिछले कुछ दिनों में लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सैन फ्रांसिस्को में कुछ घटनाएं देखी हैं। यह ऐसा भारत नहीं है जो अपने राष्ट्रीय ध्वज को किसी के द्वारा नीचे खींचे जाने को स्वीकार करेगा। जब यह हुआ तो हमारे उच्चायुक्त ने उससे भी बड़ा झंडा उस इमारत में लगा दिया। यह केवल वहां के तथाकथित खालिस्तानियों के लिए एक संदेश नहीं था, यह अंग्रेजों के लिए भी एक बयान था कि यह मेरा झंडा है और अगर कोई इसका अनादर करने की कोशिश करेगा, तो मैं इसे (राष्ट्रीय ध्वज) और भी बड़ा कर दूंगा।
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राहुल मसले पर पश्चिमी देशों को घेरा
विदेश मंत्री जयशंकर ने पश्चिमी देशों की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम को लगता है कि उसे दूसरे देशों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार है। इसे वह भगवान की ओर से दिया गया आशीर्वाद समझतेहैं। वे बेंगलुरु साउथ से सांसद तेजस्वी सूर्या और बेंगलुरु सेंट्रल से सांसद पीसी मोहन की ओर से कब्बन पार्क में 500 से अधिक युवा मतदाताओं व अन्य के साथ आयोजित 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। विदेश मंत्री ने ऐसा तब कहा, जब उनसे संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अयोग्यता पर जर्मनी और अमेरिका की टिप्पणी के बारे में पूछा गया।
जयशंकर ने कहा कि हम पश्चिम को भारत के मामलों में टिप्पणी करते क्यों देखते हैं? इसकी दो बड़ी वजहें हैं। पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है या वे सोचते हैं कि यह किसी प्रकार का ईश्वर का दिया अधिकार है। उन्हें सीखना होगा कि अगर वे ऐसा करते रहेंगे तो दूसरे लोग भी टिप्पणी करने से पीछे नहीं हटेंगे। यह उन्हें अच्छा नहीं लगेगा। ऐसा हो भी रहा है।
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