फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar pitches for international relations with Indian characteristics

Maharashtra: जयशंकर ने भारतीय संस्कृति की खूबियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों की वकालत की, कही ये बात

Sat, 25 Nov 2023 04:49 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 25 Nov 2023 04:49 PM IST
सार

Maharashtra: जयशंकर ने कहा, 'सवाल भारत की रणनीतिक संस्कृति को विकसित करने का है। यदि हम भारतीय खूबियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाना चाहते हैं, तो क्या यह जरूरी नहीं है कि हम वास्तव में संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं के अपने भंडार को देखने के लिए अधिक समय, ध्यान और उर्जा दें।' 

विज्ञापन
Jaishankar pitches for international relations with Indian characteristics
पुणे में कार्यक्रम को संबोधित करते विदेश मंत्री। - फोटो : एक्स/डॉ.एस.जयशंकर

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को भारतीय खूबियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आकार देने की वकालत की। इसके लिए उन्होंने देश की संस्कृति और ज्ञान के भंडार को ज्यादा समय देने की बात कही। वह पुणे में एक शैक्षणिक संस्थान द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे, जिसका विषय 'भारत की रणनीतिक संस्कृति: वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियां' रखा गया था। 

विज्ञापन

जयशंकर ने कहा, 'सवाल भारत की रणनीतिक संस्कृति को विकसित करने का है। अगर हम भारतीय खूबियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाना चाहते हैं, तो क्या यह जरूरी नहीं है कि हम वास्तव में संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं के अपने भंडार को देखने के लिए अधिक समय, ध्यान और उर्जा दें।' 

विज्ञापन
विज्ञापन

लंबे राजनयिक करियर वाले मंत्री जयशंकर ने अफगानिस्तान को लेकर अमेरिका की समझ पर ब्रिटेन के नैरेटिव के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला और विविधता वाली संस्कृति के लेंस से भू-राजनीतिक स्थितियों को देखने की जरूरत पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ अफगानिस्तान को लेकर बातचीत का हवाला दिया। 

विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा, 'अफगानिस्तान में बीस साल रहने के बाद भी अमेरिकी समझ ब्रिटेन के नैरेटिव से प्रभावित थी। दरअसल, मैंने वास्तव में उनसे पूछा कि क्या आपने कभी सोचा कि पेशावर जहां है, वहां क्यों है? चूंकि, ब्रिटेन का औपनिवेशिक निर्माण वहां था, तो क्या हकीकत में डूरंड लाइन वहां थी? डूरंड लाइन अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा है। 

उन्होंने आगे कहा, जिन लोगों ने अफगानिस्तान में अपना जीवन बिताया, उन्होंने महाराजा रणजीत सिंह के साम्राज्य के महान सिख योद्धा हरि सिंह नलवा जैसी शख्सियत के बारे में कभी नहीं सुना। नलवा अफगानिस्तान के साथ अपनी सीमा पर सिख सेना के कमांडर-इन-चीफ थे। यह आपको कुछ बताता है। यह आपको बताता है कि उन्होंने एक संस्कृति के लेंस से भूगोल को देखा है। जब तक हम अपने लेंस को सही जगह में रखने में सक्षम नहीं होते हैं, वे इसे कभी भी इस तरह से नहीं देखेंगे कि यह हमारे हितों की सेवा करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिमी विद्वानों को पांच हजार साल पुराने अखंड चीन के इतिहास को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनमें से कई भारत को वही विशेष अधिकार नहीं देंगे। हकीकत में इसका एक उदाहरण खुद चर्चिल थे, जिन्होंने कहा था कि भारत भमूध्य रेखा से अधिक एक देश नहीं है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed