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MEA: आतंकवाद पर जयशंकर की पाकिस्तान को दो टूक; भारत-म्यांमार पर बोले- सरकार के लिए सबसे पहले देश की सुरक्षा
Thu, 11 Apr 2024 04:35 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 11 Apr 2024 04:35 PM IST
सार
मिजोरम में भाजपा का घोषणा-पत्र जारी करने के बाद जयशंकर ने भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लाने पर कहा कि सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। जयशंकर ने कहा कि केंद्र लोगों के हितों, परंपराओं, रीति-रिवाजों और सीमा पार रिश्तों के प्रति बहुत संवेदनशील है। उन्होंने पाकिस्तान और आतंकवाद से जुड़े सवालों पर भी दो टूक संदेश दिया।
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एस जयशंकर (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि केंद्र ने भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लाने और मुक्त आवाजाही व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है। क्योंकि सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। आइजोल में भाजपा का घोषणा-पत्र जारी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत जयशंकर ने यह बात कही।
पड़ोसी देश म्यामांर एक संकट से गुजर रहा- जयशंकर
गौरतलब है कि फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद अपने देश से भागने के बाद म्यांमार के हजारों लोगों ने कई उत्तर-पूर्वी राज्यों खासकर मिजोरम में शरण ली है। मुझे लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा, मिजोरम सहित हमारे राज्यों की सुरक्षा के लिए हमें कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। लेकिन अभी हम जो सावधानियां बरत रहे हैं, वे एक निश्चित स्थिति के जवाब में हैं। अभी भी हमारा पड़ोसी एक संकट से गुजर रहा है। अगर म्यांमार में चीजें सामान्य होतीं तो ऐसा नहीं होता।
यह जरूरी है कि हम सावधानी बरतें- जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि केंद्र लोगों के हितों, परंपराओं, रीति-रिवाजों और सीमा पार रिश्तों के प्रति बहुत संवेदनशील है। प्रस्तावित सीमा बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल यह महत्वपूर्ण है कि हम सावधानी बरतें। इसलिए हम चाहते हैं कि लोग समझें कि यह आज की स्थिति की प्रतिक्रिया है।
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क्या है एफएमआर?
केंद्र ने फरवरी में भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और दोनों देशों के बीच मुक्त आवाजाही व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया। एफएमआर भारत-म्यांमार सीमा के करीब रहने वाले लोगों को बिना वीजा के एक-दूसरे के क्षेत्र में 16 किमी तक जाने की अनुमति देता है। भारत म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है और विशेष रूप से मिजोरम, पड़ोसी देश के साथ 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
मिजोरम विधानसभा ने 28 फरवरी को भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के केंद्र के फैसले के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया था। इससे पहले, मुख्यमंत्री लालडुहोमा ने कहा था कि उनकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के विचार का कड़ा विरोध किया है, लेकिन अगर मिजोरम सरकार अपनी योजना पर आगे बढ़ती है तो केंद्र का विरोध करने का उसके पास कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान और आतंकवाद पर दो टूक संदेश
विदेश मंत्री ने सीमा पार से होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का जवाब देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार ने मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमलों पर उतनी सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि यूपीए सरकार को शायद ऐसा लगा कि इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। वर्तमान सरकार की नीति के बारे में विदेश मंत्री ने कहा, आतंकवादियों और दहशत फैलाने वाले अपराधियों से निपटने के लिए देश में 'कोई नियम नहीं हो सकता।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ समस्या 1947 से ही बनी हुई है। यह 2014 में पीएम मोदी के सत्ता संभालने के बाद शुरू नहीं हुई।
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पड़ोसी देश म्यामांर एक संकट से गुजर रहा- जयशंकर
गौरतलब है कि फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद अपने देश से भागने के बाद म्यांमार के हजारों लोगों ने कई उत्तर-पूर्वी राज्यों खासकर मिजोरम में शरण ली है। मुझे लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा, मिजोरम सहित हमारे राज्यों की सुरक्षा के लिए हमें कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। लेकिन अभी हम जो सावधानियां बरत रहे हैं, वे एक निश्चित स्थिति के जवाब में हैं। अभी भी हमारा पड़ोसी एक संकट से गुजर रहा है। अगर म्यांमार में चीजें सामान्य होतीं तो ऐसा नहीं होता।
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यह जरूरी है कि हम सावधानी बरतें- जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि केंद्र लोगों के हितों, परंपराओं, रीति-रिवाजों और सीमा पार रिश्तों के प्रति बहुत संवेदनशील है। प्रस्तावित सीमा बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल यह महत्वपूर्ण है कि हम सावधानी बरतें। इसलिए हम चाहते हैं कि लोग समझें कि यह आज की स्थिति की प्रतिक्रिया है।
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क्या है एफएमआर?
केंद्र ने फरवरी में भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और दोनों देशों के बीच मुक्त आवाजाही व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया। एफएमआर भारत-म्यांमार सीमा के करीब रहने वाले लोगों को बिना वीजा के एक-दूसरे के क्षेत्र में 16 किमी तक जाने की अनुमति देता है। भारत म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है और विशेष रूप से मिजोरम, पड़ोसी देश के साथ 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
मिजोरम विधानसभा ने 28 फरवरी को भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के केंद्र के फैसले के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया था। इससे पहले, मुख्यमंत्री लालडुहोमा ने कहा था कि उनकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और एफएमआर को खत्म करने के विचार का कड़ा विरोध किया है, लेकिन अगर मिजोरम सरकार अपनी योजना पर आगे बढ़ती है तो केंद्र का विरोध करने का उसके पास कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान और आतंकवाद पर दो टूक संदेश
विदेश मंत्री ने सीमा पार से होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का जवाब देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार ने मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमलों पर उतनी सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि यूपीए सरकार को शायद ऐसा लगा कि इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। वर्तमान सरकार की नीति के बारे में विदेश मंत्री ने कहा, आतंकवादियों और दहशत फैलाने वाले अपराधियों से निपटने के लिए देश में 'कोई नियम नहीं हो सकता।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ समस्या 1947 से ही बनी हुई है। यह 2014 में पीएम मोदी के सत्ता संभालने के बाद शुरू नहीं हुई।
#WATCH | On being asked which country is the most difficult to maintain relationships with, EAM Dr S. Jaishankar said, "There are countries with whom you can ask would we maintain relationships... Today the biggest challenge is Pakistan... Narendra Modi came only in 2014, but… pic.twitter.com/IUsWKEgV5U
— ANI (@ANI) April 12, 2024