फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar Explains ‘Middle Powers’: Why Were the US and China Kept Separate, and What Does It Mean for India?

कौन हैं मध्यम शक्ति वाले देश?: जयशंकर ने अमेरिका-चीन को क्यों रखा इससे अलग; भारत के लिए क्या संकेत?

Sun, 04 Oct 2026 02:58 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 04 Oct 2026 02:58 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल पावर की परिभाषा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी देश की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था और आकार से तय नहीं होती। नीदरलैंड और यूएई का उदाहरण देते हुए उन्होंने क्षेत्रीय क्षमता को अहम बताया। वहीं अमेरिका और चीन को बड़ी शक्तियों से जोड़ा। आखिर मिडिल पावर किसे कहा जाए? किसी छोटे देश का प्रभाव बड़ा कैसे हो सकता है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Jaishankar Explains ‘Middle Powers’: Why Were the US and China Kept Separate, and What Does It Mean for India?
जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक राजनीति में मिडिल पावर यानी मध्यम शक्ति वाले देशों की भूमिका को लेकर अहम बात कही है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज यह बताना ज्यादा आसान है कि कौन मिडिल पावर नहीं है। उनके मुताबिक इस शब्द को केवल देश की अर्थव्यवस्था या आकार से नहीं जोड़ना चाहिए। किसी खास क्षेत्र में किसी देश की क्षमता और प्रभाव भी उसे महत्वपूर्ण बना सकता है। उन्होंने अमेरिका और चीन को मौजूदा वैश्विक व्यवस्था की बड़ी शक्तियों के उदाहरण के तौर पर अलग रखा।
विज्ञापन


जयशंकर ने कहा कि मिडिल पावर की कोई एक तय और कठोर परिभाषा नहीं हो सकती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नीदरलैंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात अपनी आर्थिक और रणनीतिक क्षमता के कारण अपने आकार से ज्यादा प्रभाव रखता है। उन्होंने कहा कि उभरती शक्तियों और मिडिल पावर दोनों को लेकर सोच व्यापक और लचीली रखनी चाहिए।
विज्ञापन


मिडिल पावर की पहचान सिर्फ अर्थव्यवस्था से क्यों नहीं हो सकती?
जयशंकर ने समझाया कि किसी देश को केवल उसकी अर्थव्यवस्था के आकार के आधार पर मिडिल पावर कहना सही नहीं होगा। उन्होंने जी-20 का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ देश जी-20 में नहीं हैं, लेकिन किसी खास क्षेत्र में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नीदरलैंड इसका उदाहरण है। इसी तरह यूएई अपने आकार की तुलना में ज्यादा प्रभाव रखने वाला देश है। यानी तकनीक, व्यापार, सुरक्षा या किसी अन्य खास क्षेत्र में मजबूत स्थिति किसी देश की वैश्विक अहमियत बढ़ा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिका और चीन को मिडिल पावर से अलग क्यों माना?
जयशंकर ने वैश्विक शक्ति संतुलन की बात करते हुए अमेरिका को मिडिल पावर की श्रेणी से अलग बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई दशकों से वैश्विक व्यवस्था का प्रमुख सहारा रहा है। उसकी क्षमता किसी भी दूसरी शक्ति की तुलना में काफी आगे है। उन्होंने चीन का भी उदाहरण दिया। चीन की आर्थिक ताकत बहुत बड़ी है और उसकी आर्थिक क्षमता अब राजनीतिक प्रभाव में भी बदल रही है। जयशंकर के मुताबिक चीन अकेले दुनिया के विनिर्माण का करीब एक-तिहाई हिस्सा करता है। इसलिए उसे भी मिडिल पावर की सामान्य श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा।

दुनिया में किन देशों की ताकत अलग तरीके से दिखती है?
जयशंकर ने कहा कि आज किसी देश का प्रभाव केवल उसके कुल आकार से तय नहीं होता। किसी खास क्षेत्र में मजबूत क्षमता भी वैश्विक राजनीति में उसकी भूमिका बढ़ा सकती है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि कोई देश आर्थिक रूप से बहुत बड़ा न हो, लेकिन सेमीकंडक्टर, तकनीक, ऊर्जा या रणनीतिक व्यापार जैसे क्षेत्र में उसकी भूमिका बेहद अहम हो। उनके बताए उदाहरणों में नीदरलैंड और यूएई शामिल हैं। ऐसे देशों को समझने के लिए उनकी वास्तविक क्षमता और वैश्विक उपयोगिता को भी देखना जरूरी है।


बदलती दुनिया में मिडिल पावर की भूमिका क्यों बढ़ रही है?
जयशंकर के बयान का मुख्य संदेश यही है कि दुनिया में शक्ति का मतलब अब केवल बड़ी अर्थव्यवस्था या बड़ा भूगोल नहीं रह गया है। किसी विशेष क्षेत्र में मजबूत क्षमता रखने वाले देश भी वैश्विक फैसलों और रणनीति पर असर डाल सकते हैं। अमेरिका और चीन जैसी बड़ी शक्तियों से अलग इन देशों की भूमिका अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देती है। इसलिए जयशंकर ने मिडिल पावर और उभरती शक्तियों को लेकर व्यापक नजरिया रखने की बात कही। इससे बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत समेत कई देशों की भूमिका को समझने का एक नया आधार मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed