फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jairam Ramesh says Those who ignore environmental rules will also get approval 

पर्यावरण के नियमों की अनदेखी करने वालों को भी मिल सकेगी मंजूरी: जयराम रमेश

Mon, 27 Jul 2020 01:53 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला, नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Mon, 27 Jul 2020 01:53 AM IST
विज्ञापन
Jairam Ramesh says Those who ignore environmental rules will also get approval 
जयराम रमेश (फाइनॉल फोटो)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रस्तावित पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए), अधिसूचना, 2020 के मसौदे पर कड़ी आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे एक पत्र में कहा, अब वे कंपनियां या उद्योग भी अपनी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे जो इससे पहले पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं। यह गैरकानूनी है। यह पर्यावरण मंजूरी से पहले जन भागीदारी और आकलन के सिद्धांतों के खिलाफ है।
विज्ञापन


पर्यावरण एवं वन, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान-तकनीकी मामलों पर बनी संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन जयराम रमेश ने कहा, बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी देने में यह अधिनियम जन भागीदारी को कदम दर कदम कम करता है। इसमें पर्यावरणीय प्रभावों के आकलन से भी दूरी बनाई गई है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में पर्यावरण मंजूरी देने से परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि के लिए जमीन सुरक्षित की जा सकेगी। उस समय भी जब वहां पर कोई निर्माण नहीं होगा। इससे जमीन पर कब्जा बढ़ेगा, न कि विकास होगा।
विज्ञापन

कोई शोध भी नहीं किया गया, सहकारी संघवाद के लिए ताबूत

पत्र में जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि ईआईए अधिसूचना में ये बदलाव ऑडिट (जांच), एसेसमेंट (आकलन) और एनालिसिस (विश्लेषण) के आधार पर नहीं हैं और न ही किसी तरह का  शोध ही किया गया। साथ ही इससे केंद्र के पास राज्य पर्यावरणीय प्रभाव आकलन एजेंसियों को नियुक्त करने की पूरी शक्ति मिलेगी। यह सहकारी संघवाद के लिए एक और ताबूत साबित होगी।

जावड़ेकर ने जयराम की आपत्तियों को बताया आधारहीन

वहीं, प्रकाश जावड़ेकर ने ईआईए अधिसूचना मसौदे में प्रस्तावित बदलाव के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश की आपत्तियों को आधारहीन बताया है। जावड़ेकर ने कहा, आपके सभी सुझाव आधारहीन और गलत व्याख्या पर आधारित हैं। ईआईए अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव पर जन सामान्य के सुझाव एवं टिप्पणियों के लिए अभी 15 दिन बाकी हैं। उन्होंने कहा, मैं आपके पत्र का विस्तृत जवाब बाद में दूंगा। 

सरकार सभी सुझावों पर विचार करने के बाद अधिनियम को अंतिम रूप देने में लगी है। सरकार के निर्णय हमेशा से संसद और स्थायी समितियों की जांच के लिए खुले हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते 30 जून को केंद्र सरकार की ईआईए अधिसूचना, 2020 पर जनता द्वारा टिप्पणी भेजने की समयसीमा को बढ़ाकर 11 अगस्त कर दिया था। इससे पहले ये तारीख 30 जून 2020 थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed