जयराम रमेश बोले: इंदिरा ने 44वें संशोधन का किया था समर्थन; संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान PM ने की थी आलोचना
Congress: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि 1976 में इंदिरा गांधी द्वारा किए गए 42वें संशोधन की आलोचना करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने यह नहीं बताया कि 1978 में कांग्रेस ने 44वें संशोधन के तहत कई प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया था।
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कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर संसद में चर्चा के दौरान इंदिरा गांधी की आलोचना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। जयराम ने कहा कि संसद में पीएम मोदी और उनके सहयोगियों ने साल 1976 में 42वें संशोधन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा पर हमला किया, लेकिन भाजपा नेताओं इस बात का जिक्र नहीं किया कि 1978 में जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे, तब इंदिरा समेत दूसरे कांग्रेस सांसदों ने भी 44वें संशोधन के पक्ष में मतदान किया था, जिसके जरिए से 42वें संशोधन के कई प्रावधानों को हटाया गया था।
जयराम ने 'एक्स' ने लिखा, प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगियों ने इस तथ्य का भी जिक्र नहीं किया कि 42वें संशोधन के कई प्रावधानों के लागू होने के करीब आधी सदी से बाद भी उन्हें बरकरार रखा गया है। बता दें कि तत्कालीन इंदिरा सरकार ने 1976 में संविधान में 42वां संशोधन किया था, जिसके बाद संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द जोड़े गए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द को संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा माना है। संशोधन ने प्रस्तावना में भारत के वर्णन को 'संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य' से बदलकर 'संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य' कर दिया।
रमेश ने कहा कि 44वें संविधान संशोधन ने 42वें संशोधन के जरिए पेश किए गए कई प्रावधानों को हटा दिया, जिसमें इंदिरा समेत कांग्रेस सांसदों समर्थन किया था, जिसका जिक्र पीएम मोदी ने अपने भाषण में नहीं किया।
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