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मगरमच्छ के आंसू न बहाएं ममता, इसके बजाय पीएम-किसान सम्मान निधि योजना लागू करें : जगदीप धनखड़
Wed, 23 Sep 2020 04:25 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 23 Sep 2020 04:25 AM IST
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : ANI
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कृषि क्षेत्र सुधार बिलों का विरोध करने की आलोचना की। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि मगरमच्छ के आंसू किसानों के दर्द को दूर नहीं करेंगे, इसके बजाय राज्य में केंद्र की पीएम-किसान सम्मान निधि योजना को लागू करें।
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राज्यपाल ने कहा- पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश में किसानों को पीएम-किसान योजना से बहुत लाभ हुआ
धनखड़ ने दावा किया कि राज्य के 70 लाख किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किया जा रहा घोर अन्याय ‘अफसोसनाक राजनीति’ का परिणाम है। धनखड़ ने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसानों को 8,400 करोड़ रुपये के लाभ से वंचित क्यों रखा जा रहा है। उन्हें पीएम- किसान सम्मान निधि में भाग क्यों नहीं लेने दिया जा रहा है। अब तक हर किसान के बैंक खाते में 12,000 रुपये आ जाने चाहिए थे, जो कि उन्हें नहीं मिले।
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मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि मगरमच्छ के आंसू बहाने से किसानों का दर्द कम नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में सरकार की योजना को लागू करने का आग्रह किया। पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश में किसानों को पीएम-किसान योजना से बहुत लाभ हुआ है और अब तक 92,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसानों के साथ हो रहे अन्याय का निवारण होना चाहिए ताकि उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।
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धनखड़ ने कहा कि यह योजना केंद्र द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित है और किसानों को इसका लाभ न मिलने के पीछे कोई तर्क नहीं बनता है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि राज्य में लापरवाही और निष्क्रियता के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभ से 70 लाख से अधिक किसानों को वंचित रखा गया जिससे उन्हें खासकर इन तनावग्रस्त और संकट की परिस्थितियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।