फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   J'khand govt to consider setting up fast-track courts for speedy trial of mob-lynching cases

झारखंड: मॉब लिंचिंग के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की योजना 

Mon, 14 Mar 2022 08:40 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Amit Mandal Updated Mon, 14 Mar 2022 08:40 PM IST
सार

संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि 2016 और 2021 के बीच राज्य में मॉब लिंचिंग के कुल 46 मामले दर्ज किए गए हैं।

विज्ञापन
J'khand govt to consider setting up fast-track courts for speedy trial of mob-lynching cases
झारखंड विधानसभा - फोटो : social media

विस्तार

झारखंड सरकार ने सोमवार को कहा कि सरकार मॉब लिंचिंग के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए राज्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की योजना बना रही है। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि 2016 और 2021 के बीच राज्य में मॉब लिंचिंग के कुल 46 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे 11 मामलों में 51 आरोपियों को सुनवाई पूरी होने के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आलम ने कहा कि बाकी मामलों में दोषसिद्धि की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है।

विज्ञापन


बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाया था और सरकार से ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का आग्रह किया था। सिंह ने पीड़ितों के आश्रितों को मुआवजे के खराब वितरण पर भी चिंता व्यक्त की। पिछले साल दिसंबर में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाले गए सुनील पासी का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि उनके परिवार को अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
विज्ञापन


जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अब तक पीड़ितों के आश्रितों को मुआवजे के रूप में 19.90 लाख रुपये का वितरण किया गया है। हम प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। कार्यवाही के दौरान विधानसभा में अधिवास के मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। जमशेदपुर (पूर्व) विधायक सरयू राय ने पूछा कि क्या राज्य सरकार की मंशा 1932-खटियान (भूमि अभिलेख) के आधार पर अधिवास नीति बनाने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम ने जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले में जवाब दे चुके हैं। इस मुद्दे पर आकलन किया जा रहा है और सरकार जल्द ही कोई फैसला लेगी। इस मुद्दे पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो, विधायक प्रदीप यादव और झामुमो विधायक जय प्रकाश भाई पटेल ने बहस की। उन्होंने निर्णय पर पहुंचने के लिए सरकार से समय सीमा मांगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed