फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   j&K stone pelting: little Hiba to go under surgery of eyes next time, country praying for success

जम्मू-कश्मीर पत्थरबाजी: नन्ही हिबा की आंख की कल दूसरी सर्जरी, मासूम के लिए देश में प्रार्थना

Sun, 09 Dec 2018 03:31 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला Updated Sun, 09 Dec 2018 03:31 PM IST
विज्ञापन
j&K stone pelting: little Hiba to go under surgery of eyes next time, country praying for success
हिबा निसार
जम्मू-कश्मीर में शोपियां के बटगुंड की मासूम हिबा की एक आंख पत्थरबाजों के हाथ बूरी तरह से जख्मी हो गई है। श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह हॉस्पिटल में 17 महीने की हिबा की आंख की कल दूसरी बार सर्जरी की तैयारी चल रही है। डाक्टरों ने नन्ही हिबा की दायीं आंख का ऑपेरेशन एक बार हो चुका है लेकिन एक्स-रे रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के आंखों की पुतली रोशनी में कोई हरकत नहीं कर रही।
विज्ञापन


डॉक्टर्स का मानना है कि पत्थर ने आखों की सौकेट में गंभीर चोट पहुंचाई है जिसकी वजह से हिबा सर्जरी के बाद भी देख पाने में असमर्थ है।हरि सिंह हॉस्पिटल में आंखों के डाक्टर जुनैद वानी के मुताबिक दूसरी बार ऑपरेशन के बाद ही हम सुनिश्चित कर पायेंगे कि बच्ची के आंखों में पत्थर का कोई कण नबीं रहा जो देख पाने की क्षमता को अवरूद्ध कर रहा है। 
विज्ञापन


हिबा की मां बार-बार अपनी ऊंगलियां अपनी लाड़ली के आंखों के सामने लाती है ताकि वो कोई हरकत करे लेकिन हिबा बिल्कुल नहीं देख पाती। पत्थरबाजों की निशाने पर अपनी आंख जख्मी होने वालों में हिबा सबसे कम उम्र की बच्ची है। उसकी आंख पट्टी से ढंकी हुई है जिसे वो बार बार नोचने की कोशिश करती है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से एक लाख रूपये की मदद हिबा के इलाज के लिए दी गई है। शोपियां के डेप्युटी कमिश्नर ओवैस अहमद ने कहा कि वो बच्ची की हालत पर लगातार नजर बनायें हुए हैं और इलाज में हर मदद के लिए तैयार हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि गत रविवार को शोपियन के बटगुंड में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान उग्र भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। पत्थरबाजों पर नियंत्रण करने के लिए सुरक्षा बलों को बल का प्रयोग करना पड़ा था, जिसमें पेलेट लगने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हिबा की मां मरसाला जान के अनुसार मुठभेड़ स्थल उनके घर से काफी दूर था, लेकिन प्रदर्शन घर के नजदीक ही शुरू हो गया। इसके बाद पत्थरबाजों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जद में आने से बेटी घायल हुई है।


जम्मू-कशमीर में पत्थरबाजी से 2016 से अभी तक 1200 लोग घायल हो चुके हैं जिनमें हिबा सबसे कम उम्र की बच्ची है। हिबा की मां मरसाला जान को उम्मीद है कि हिबा ठीक से दुनिया देख पाएगी । इसकी आंख का इलाज संभव है क्योंकि अभी वो बेहद कम उम्र की है।नन्ही और प्यारी हिबा को नहीं मालूम की उसके साथ क्या हुआ है लेकिन पूरा देश जानता है कि वो मासूम दहशतगर्दों के हमले की शिकार हुई है। 11 दिसबंर के ऑपेरेशन के बाद की सुबह का उजाला हिबा देख सके ये दुआ पूरा देश मांग रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed