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जम्मू-कश्मीर में पहली बार पत्थरबाजी में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले होंगे वापस

Tue, 21 Nov 2017 09:11 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Tue, 21 Nov 2017 09:11 PM IST
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J&K Stone Pelting: home ministry asks state govt to withdraw cases of first time offenders

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार से राज्य में पत्थरबाजी में पहली बार शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र के विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा के सुझाव पर आगे बढ़ते हुए घाटी में लोगों का दिल जीतने के लिए पत्थरबाजी में पहली बार शामिल 4500 युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जा सकता है। 

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इस महीने के शुरू में घाटी पहुंचे शर्मा के पास कई लोगों और समूहों की तरफ से पत्थरबाजी में शामिल युवकों के खिलाफ पुलिस में दर्ज मामलों के वापिस लेने के संबंध में कई आग्रह आए थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से फैली हिंसा के बाद से पत्थरबाजी के 11,500 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से 4500 मामले ऐसे युवकों के खिलाफ हैं जो पहली बार पत्थरबाजी में शामिल हैं। 
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इस बारे में शर्मा से संपर्क किए जाने पर उन्होंने टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास राज्य की स्थिति को शांति में बदलना है और इसके लिए मुझे युवाओं और छात्रों का साथ चाहिए।
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इस कदम की प्रतिक्रिया देखने के बाद केंद्र सरकार राज्य में पीडीपी-भाजपा सरकार से विचार विमर्श के बाद पत्थरबाजी के बाकी मामलों पर भी समीक्षा करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन आतंकी संगठनों में शामिल उन स्थानीय लोगों के पुनर्वास पर भी विचार कर सकती है जो किसी घृणित अपराध में शामिल नहीं हैं।

घाटी के लोगों को मिलेगी अतिरिक्त बिजली  

J&K Stone Pelting: home ministry asks state govt to withdraw cases of first time offenders
KASHMIR - फोटो : BASIT ZARGAR

शर्मा ने पाया कि घाटी में रहने वाले लोगों को, विशेषकर सर्दियों में बिजली की कमी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए इस साल कश्मीर को 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मुहैया कराई जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि अगले साल सर्दियों से लोगों को 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस परियोजना को लागू किए जाने के संबंध में ऊर्जा मंत्रालय से भी बातचीत की जा रही है। केंद्र सरकार के सुझाव के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से कदम उठाए जाने की उम्मीद है। 


पुलिसकर्मियों का बढ़ेगा मुआवजा
केंद्र सरकार मुठभेड़ में मारे गए पुलिसकर्मियों का मुआवजा भी बढ़ाएगी। वर्तमान में यह मुआवजा 40 लाख रुपये है। वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के घाटी में विभिन्न हितधारकों से बातचीत के बाद इन निर्णयों पर विचार किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कश्मीर पर कोर ग्रुप की हुई बैठक में इन सब मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और एनएसए अजित डोभाल भी मौजूद थे।

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