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यूपी चुनाव: आसान नहीं होगा कांग्रेस का टिकट हासिल करना, करनी पड़ेगी मेहनत
शादाब रिजवी/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 06 Jun 2016 02:20 AM IST
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लंबे समय से यूपी में सत्ता से दूर कांग्रेस अब हवा हवाई नेताओं को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं देगी। पार्टी अब जनाधार वाले नेता पर ही दांव आजमाएगी। 2017 के चुनाव में करिश्माई प्रदर्शन की दरकार पाले कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के एमएलए दावेदारों को साफ कह दिया है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जानो और टिकट हासिल करो। ऐसा नहीं करने पर दावेदार को टिकट देने पर पार्टी विचार भी नहीं करेगी।
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कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा की तैयारी में जुट गई है। यूपी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निर्मल खत्री ने सूबे के सभी जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को भेजे एक पत्र में कहा है कि जिला स्तर पर, शहर कमेटी के साथ जिले के वरिष्ठ कांग्रेसियों की बैठक कर हर विधानसभा क्षेत्र के लिए पैनल बनाकर प्रदेश मुख्यालय पर डाक या ई-मेल से हर हाल में 10 जून तक भेज दें। प्रदेशाध्यक्ष ने शर्त रखी है कि पैनल भेजते समय ख्याल रखा जाए कि संभावित प्रत्याशियों के आवेदन के साथ उनकी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ के कम से कम एक कांग्रेस कार्यकर्ता का नाम, उसका मोबाइल नंबर, बूथ की संख्या और बूथ का नाम जरूर लिखें।
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प्रदेशाध्यक्ष की तरफ से सख्त हिदायत है कि पैनल में शामिल जिन दावेदारों के आवेदन के साथ बूथवार कार्यकर्ताओं का मांगा गया ब्यौरा नहीं होगा, उनके नाम पर संभावित प्रत्याशी के रूप में विचार नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि 2017 में होने वाले यूपी के चुनाव के लिए बसपा और सपा ने अपने ज्यादातर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। मुख्य दलों में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी अभी घोषित नहीं हुए हैं। कांग्रेस ने विधानसभा क्षेत्रवार अपने पर्यवेक्षक भेजकर कार्यकर्ताओं से दावेदारों की रायशुमारी जरूर कराई थी।
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