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महाराष्ट्र: विधवाओं के लिए गंगा भागीरथी शब्द के प्रयोग का प्रस्ताव, पूर्व मंत्री ने बताई खतरनाक साजिश

Fri, 14 Apr 2023 06:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 14 Apr 2023 06:39 PM IST
सार

यशोमति ठाकुर ने कहा, प्रगतिशील विचार का झंडा बुलंद करने में महाराष्ट्र हमेशा सबसे आगे रहा है। लेकिन, इसी राज्य में विधवाओं को 'गंगा भागीरथी' कहने के प्रस्ताव को लेकर बहस छिड़ी हुई है। यह एक त्रासदी है।

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Its dangerous plot of Manuwadi govt Ex-Maha minister on proposal to use Ganga Bhagirathi term for widows
महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर - फोटो : फेसबुक/यशोमति ठाकुर

विस्तार

महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि विधवाओं को 'गंगा भागीरथी' के रूप में संदर्भित करने का राज्य सरकार का प्रस्ताव एक खतरनाक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'मनुवादी' ताकतें महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को रोकने की लगातार कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज भी विधवाओं को कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और इन महिलाओं को नया लेबल देने से उनकी स्थिति में बदलाव नहीं आएगा, इसके बजाय सरकार को उनके लाभ के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने का प्रयास करना चाहिए।

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फैसले को राज्य में नहीं मिलनी चाहिए अनुमति: यशोमति ठाकुर
इस सप्ताह की शुरुआत में महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने प्रशासन को एक पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने विधवाओं को सम्मान देने के लिए उनका जिक्र करने के लिए 'गंगा भागीरथी' शब्द के इस्तेमाल का प्रस्ताव किया था। इस पर पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री ठाकुर ने एक बयान में कहा, 'मैं यशोमति हूं। मैं अपने नाम के आगे गंगा भागीरथी का उल्लेख क्यों करूं? मैं गंगा भागीरथी नहीं हूं और न ही मैं अपने नाम के आगे कभी इसका उल्लेख करूंगा।' ठाकुर ने कहा, 'हम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मना रहे हैं, मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि हमें इस राज्य में इस तरह के फैसले की अनुमति नहीं देनी चाहिए।'
 

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संविधान ने दिलाई गरीबों, वंचितों और महिलाओं को आजादी
उन्होंने आगे कहा, "मैंने अपने पति को खोया और उनके आकस्मिक निधन के बाद अपने बच्चों की परवरिश अकेले की। इस देश के संविधान की बदौलत मैंने समानता और शिक्षा का अधिकार अर्जित किया है। आज, मुझे एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में पहचाना जाता है। संविधान ने सभी दलितों, शोषितों, वंचितों और महिलाओं को गुलामी की जंजीरों से आजादी दी है। हालांकि, मनुवादी ताकतें लगातार इन वर्गों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।"
 

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अंबेडकर जयंती पर साजिश को नाकाम करने की करें कोशिश

ठाकुर ने कहा कि यह एक खतरनाक साजिश है और डॉ. आंबेडकर की जयंती पर आइए हम इस साजिश को नाकाम करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा, प्रगतिशील विचार का झंडा बुलंद करने में महाराष्ट्र हमेशा सबसे आगे रहा है। लेकिन, इसी राज्य में विधवाओं को 'गंगा भागीरथी' कहने के प्रस्ताव को लेकर बहस छिड़ी हुई है। यह एक त्रासदी है। जाति और धार्मिक विभाजन को पाटने के लिए इस राज्य में अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक विवाह को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने खुद इसकी वकालत की थी। प्रस्ताव लाने के लिए मंत्री लोढ़ा पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि वह अंतर जातीय और अंतर-धार्मिक विवाह पर रोक लगाने की बात करते हैं और अन्य अवसरों पर गंगा-भागीरथी की भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
 

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